बांके बिहारी मंदिर में जगमोहन हॉल से दर्शन पर रोक, सुप्रीम कोर्ट समिति का बड़ा फैसला
नई दिल्ली (आरएनआई) सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त उच्च स्तरीय समिति ने बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा सीढ़ियां चढ़कर या जगमोहन हॉल से दर्शन करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। समिति ने यह फैसला मंदिर के पुजारियों द्वारा पहले जारी निर्देशों का पालन न करने और परिसर में बढ़ती अव्यवस्था को देखते हुए लिया। जगमोहन हॉल, गर्भगृह और आम दर्शनों के बीच स्थित वह क्षेत्र है, जहां पारंपरिक रूप से केवल पुजारी ही प्रवेश कर विशेष पूजा करा सकते हैं। अब इस इलाके में शनिवार से किसी भी श्रद्धालु की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी।
यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित 12 सदस्यीय समिति ने जारी किया है, जिसकी अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार कर रहे हैं। समिति मंदिर के दैनिक संचालन और भीड़ प्रबंधन की निगरानी कर रही है। शनिवार को अशोक कुमार ने समिति सदस्य और पूर्व जिला जज मुकेश कुमार के साथ मंदिर का निरीक्षण किया और इसके बाद आदेश जारी किया।
अशोक कुमार ने कहा कि कई गड़बड़ियों और अव्यवस्था को देखने के बाद सेवायतों को बार-बार निर्देश दिया गया कि वे बढ़ती भीड़ को संभालने में सहयोग करें, लेकिन उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु सीढ़ियां चढ़कर दोनों ओर से जगमोहन के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे और इस दौरान छोटे बच्चे भी भीड़ में शामिल थे, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ गया था।
कुमार ने कहा कि इस स्थिति से न केवल ‘ठाकुरजी’ की मर्यादा प्रभावित हो रही थी, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। इसके बाद मंदिर प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए और जगमोहन से चंदन कोठरी तक जाने वाले रास्ते एवं द्वार तुरंत बंद कर दिए जाएं।
समिति का यह निर्णय भीड़ नियंत्रण, परंपराओं की मर्यादा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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