बजरंगगढ़ में करंट लगाकर वन्यजीव की हत्या का मामला: 90 दिन बाद भी चालान पेश नहीं, लंबे समय से पदस्थ डिप्टी रेंजर इमरान खान पर संरक्षण देने के आरोप

Nov 14, 2025 - 16:26
Nov 14, 2025 - 16:31
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गुना (आरएनआई) गुना जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर धार्मिक नगरी बजरंगगढ़ में करंट लगाकर बेजुबान वन्य जीव और पालतू पशुओं की हत्या के मामले में वन विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोपी दीपक सुमन के खिलाफ वन विभाग ने 14 अगस्त को प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि आज 90 दिन की अवधि पूर्ण होने के बावजूद भी विभाग द्वारा कोर्ट में चालान पेश नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने इस देरी को लेकर डिप्टी रेंजर इमरान खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी को स्पष्ट संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे कार्रवाई जानबूझकर धीमी की गई है।

क्या था पूरा मामला

14 अगस्त को बजरंगगढ़ क्षेत्र में करंट लगाकर वन्य जीव व पालतू पशुओं की हत्या की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करंट से मरे वन्य पशु का शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में पशु की मौत करंट लगने से होना पाया गया। जांच में आरोपी दीपक सुमन का नाम सामने आया, जिसके बाद वन विभाग ने मामला दर्ज किया था।

मगर कार्रवाई क्यों रुकी?

ग्रामीणों के अनुसार आरोपी पर पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज रहे हैं, लेकिन हर बार विभागीय संरक्षण के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि—

डिप्टी रेंजर इमरान खान लंबे समय से इसी क्षेत्र में पदस्थ हैं,

लंबे समय की पदस्थापना के कारण है कार्यवाही करने में आरोपी से सांठगांठ कर गड़बड़ी करने के आरोप लग रहे है।

यही वजह है कि इतने गंभीर मामले में भी समयसीमा पूरी होने पर भी चालान कोर्ट में पेश नहीं किया गया।


ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि यह देरी किसी तकनीकी गलती की नहीं बल्कि जानबूझकर दी गई ढिलाई का परिणाम है। उनका आरोप है कि विभाग के कुछ अधिकारी आरोपी के साथ मिले हुए हैं, जिससे कानूनन तय 90 दिनों की अवधि में चालान दाखिल नहीं हो सका।

वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत करंट लगाकर वन्य जीव की हत्या एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में समय पर चालान प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है, ताकि आरोपी के खिलाफ मजबूत कार्यवाई हो सके। लेकिन इस मामले में वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि—

डिप्टी रेंजर इमरान खान की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की जाए,

लंबे समय से बजरंगगढ़ में जमे वन विभाग के डिप्टी रेंजर इमरान खान का स्थानांतरण किया जाए जिससे मामले में लीपापोती न की जा सके और आरोपी पर सख्त कार्रवाई कर वन्यजीव संरक्षण कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए।


ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ऐसे अधिकारी क्षेत्र में पदस्थ रहेंगे, तब तक आरोपियों को संरक्षण मिलता रहेगा और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकेगी।

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