झूठी खबरों से आहत रिटायर्ड आईएएस नवनीत सहगल ने भेजा लीगल नोटिस, मानहानि का आरोप
नई दिल्ली (आरएनआई)। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और प्रसार भारती के पूर्व चेयरमैन नवनीत कुमार सहगल के खिलाफ प्रकाशित कथित सनसनीखेज और भ्रामक खबरों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। सहगल ने एक वेबसाइट के खिलाफ कड़ा लीगल नोटिस भेजते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की गई है, जबकि आयकर विभाग समेत सक्षम एजेंसियां पहले ही उन्हें सभी मामलों में क्लीन चिट दे चुकी हैं।
नवनीत सहगल की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस में वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्टों को पूरी तरह आधारहीन, भ्रामक और मानहानिकारक बताया गया है। नोटिस में कहा गया है कि जिन आरोपों को खबरों में उछाला गया, उनकी जांच वर्ष 2022 में ही पूरी हो चुकी थी। जांच के दौरान संबंधित सभी व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए, दस्तावेजों की गहन पड़ताल हुई और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सक्षम प्राधिकरणों ने सहगल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था।
नोटिस के मुताबिक वेबसाइट ने 23 दिसंबर 2025 को आयकर विभाग की कथित गोपनीय रिपोर्ट का हवाला देकर नवनीत सहगल पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि उसे यह पूरी जानकारी थी कि मामला कानूनी रूप से बंद हो चुका है। इसके बावजूद तथ्यों को छिपाकर और अधूरी जानकारी के आधार पर खबरें प्रकाशित की गईं, जिससे यह आभास पैदा किया गया कि सहगल के खिलाफ अब भी कोई कार्रवाई लंबित है, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
वकील की ओर से भेजे गए नोटिस में यह भी कहा गया है कि खबरों के शीर्षक और प्रस्तुति जानबूझकर उकसाने वाले और मानहानिकारक रखे गए ताकि अधिक से अधिक ध्यान आकर्षित किया जा सके। इसे पत्रकारिता की बुनियादी आचार संहिता और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों का खुला उल्लंघन बताया गया है।
नोटिस में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 356 और 356(2) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि अधूरी, भ्रामक और गलत सूचना के आधार पर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है और ऐसी रिपोर्टिंग को ‘जनहित’ या ‘सत्य’ का संरक्षण नहीं मिल सकता।
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