जेलेंस्की के साथ समझौते पर पुतिन को संदेह, कहा- संधि पर हों वैध अफसरों के हस्ताक्षर
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का राष्ट्रपति कार्यकाल आधिकारिक तौर पर पिछले साल समाप्त हो गया था। मार्शल लॉ लागू होने के कारण कोई नया राष्ट्रपति नहीं चुना गया। जेलेंस्की का कार्यकाल खत्म होने के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शांति वार्ता को लेकर चिंता जाहिर की।
सेंट पीटर्सबर्ग (आरएनआई) यूक्रेन के साथ संघर्ष विराम समझौते पर चर्चा करने के लिए तैयार रूसी राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की वैधता पर संदेह है। पुतिन का कहना है कि वे जेलेंस्की से वार्ता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका राष्ट्रपति पद का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो चुका है। ऐसे में रूस-यूक्रेन के बीच जो भी समझौता हो उस पर वैध अधिकारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का राष्ट्रपति कार्यकाल आधिकारिक तौर पर पिछले साल समाप्त हो गया था। मार्शल लॉ लागू होने के कारण कोई उत्तराधिकारी नहीं चुना गया है। इसे लेकर जेलेंस्की का तर्क है कि वे मौजूदा परिस्थितियों में पद पर बने रह सकते हैं। जबकि यूक्रेनी संविधान में कहा गया है कि ऐसे मामले में राष्ट्रपति की शक्तियों को संसद के अध्यक्ष को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। जेलेंस्की ने बार-बार पुतिन के साथ बैठक का आह्वान किया है।
अब युद्ध विराम को लेकर रूस-यूक्रेन के बीच वार्ता होने की संभावना है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में पुतिन ने यूक्रेनी नेता की वैधता पर चिंता जताई। पुतिन ने कहा कि अगर यूक्रेन राज्य अपनी ओर से बातचीत करने के लिए किसी को सौंपता है, तो आप अपनी मर्जी से जेलेंस्की को नियुक्त करें। सवाल यह है कि दस्तावेज पर कौन हस्ताक्षर करेगा?
उन्होंने कहा कि प्रचार के मामले में कोई भी मौजूदा अधिकारियों की वैधता के बारे में कुछ भी कह सकता है, लेकिन गंभीर मुद्दों से निपटने के दौरान हम कानूनी पहलुओं की परवाह करते हैं, न कि प्रचार की। कई यूक्रेनी अधिकारियों को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। इसलिए जेलेंस्की की संदिग्ध कानूनी स्थिति उनके अधीन काम करने वालों के अधिकार पर संदेह पैदा करती है। पुतिन ने कहा कि हस्ताक्षर वैध अधिकारियों से होने चाहिए। नहीं तो मेरे बाद जो भी आएगा, वह समझौते को कूड़ेदान में फेंक देगा।
क्रेमलिन अधिकारी व्लादिमीर मेडिंस्की ने बताया कि रूस ने 1,212 यूक्रेनी सैनिकों के अवशेष वापस कर दिए हैं। रूस के कुर्स्क, डोनेट्स्क, लुगांस्क, खेरसॉन और ज़ापोरोज़े क्षेत्रों के साथ-साथ यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र से अवशेष बरामद किए गए। वहीं रूस को आदान-प्रदान के दौरान अपने 27 सैनिकों के अवशेष मिले।
यह आदान-प्रदान इस महीने की शुरुआत में इस्तांबुल में हुई चर्चाओं के बाद हुआ। मॉस्को ने पहले 6,000 से अधिक यूक्रेनी शवों को वापस करने की पेशकश की थी, लेकिन कीव पर स्वीकृति में देरी करने का आरोप लगाया। रूसी लेफ्टिनेंट जनरल अलेक्जेंडर जोरिन ने समझौते को बनाए रखने के मॉस्को के इरादे को पूरी तरह से मानवीय कार्रवाई कहा।
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