चिराग की ‘रोशनी’ से दमकता एनडीए; जदयू-भाजपा से बेहतर रहा लोजपा का स्ट्राइक रेट
नई दिल्ली (आरएनआई)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने एक बार फिर एनडीए को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ते हुए दिखाया है। इस बार एनडीए के भीतर सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का रहा है। चिराग पासवान की अगुवाई में पार्टी ने उम्मीदों से कहीं बढ़कर प्रदर्शन किया है और महज 27 सीटों पर चुनाव लड़कर भी भाजपा और जदयू से बेहतर स्ट्राइक रेट हासिल कर लिया है।
दोपहर 12:30 बजे तक प्राप्त रुझानों के अनुसार, लोजपा (रामविलास) 27 में से 20 सीटों पर आगे चल रही थी। लगभग 69 प्रतिशत की यह बढ़त किसी भी क्षेत्रीय दल के लिए बेहद मजबूत मानी जा रही है। पार्टी जिन सीटों पर आगे है उनमें सुगौली, गोविंदगंज, बेलसंड, बहादुरगंज, कसबा, बलरामपुर, सिमरी बख्तियारपुर, बोचहां, दरौली, महुआ, बखरी, परबत्ता, नाथनगर, ब्रह्मपुर, चेनारी, डेहरी, ओबरा, शेरघाटी, राजौली और गोबिंदपुर शामिल हैं।
2020 के चुनाव में एलजेपी ने 130 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी केवल एक सीट ही जीत सकी थी। बावजूद इसके, चिराग पासवान की उस समय की आक्रामक मुहिम को जदयू के वोट कटाव का बड़ा कारण माना गया था। इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग है। लोजपा न केवल एनडीए का हिस्सा है बल्कि गठबंधन के प्रदर्शन को मजबूती देने वाली प्रमुख शक्ति बनकर उभर रही है।
बिहार में इस चुनाव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राजनीतिक विश्वास की परीक्षा माना जा रहा था। पिछले दो दशकों में कई उतार-चढ़ाव देख चुके नीतीश इस बार जनता की नाराजगी और गठबंधन बदलने की छवि से जूझ रहे थे। लेकिन रुझान साबित कर रहे हैं कि मतदाताओं ने एक बार फिर उनके अनुभव और सुशासन पर भरोसा जताया है।
इस बार चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं की संयुक्त रैलियों ने एनडीए को नई मजबूती दी। मोदी सरकार की राष्ट्रीय योजनाओं के साथ नीतीश कुमार की राज्य स्तर की उपलब्धियों ने एक संयुक्त संदेश मतदाताओं तक पहुँचाया, जिसका लाभ गठबंधन को मिलता दिख रहा है।
2025 के चुनाव दो चरणों में सम्पन्न हुए। पहले चरण में 65.08 प्रतिशत और दूसरे चरण में 68.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर राज्य में 67.13 प्रतिशत वोट पड़े, जो बिहार में एक ऊर्जावान चुनावी माहौल को दर्शाते हैं।
बीते चुनाव यानी 2020 में एनडीए को 125 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इनमें भाजपा ने 74, जदयू ने 43 और हम तथा वीआईपी को 4-4 सीटें मिली थीं। महागठबंधन ने कुल 110 सीटें जीती थीं, जिनमें 75 सीटों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। इस बार भी मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधे रूप में देखा जा रहा है, लेकिन रुझानों के अनुसार एनडीए पहले ही निर्णायक बढ़त बना चुका है।
बढ़त के इन रुझानों में खास बात यह है कि लोजपा (रामविलास) का प्रदर्शन एनडीए की ताकत को और अधिक बढ़ा रहा है। चिराग पासवान का यह उभार आने वाले वर्षों में बिहार की राजनीति में नए समीकरण तय कर सकता है।
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