चक्रवात ‘मोंथा’ का असर: यूपी-बिहार में बारिश, एमपी में तापमान गिरा; आंध्र, तेलंगाना और ओडिशा में भारी नुकसान

Oct 31, 2025 - 12:26
 0  81
चक्रवात ‘मोंथा’ का असर: यूपी-बिहार में बारिश, एमपी में तापमान गिरा; आंध्र, तेलंगाना और ओडिशा में भारी नुकसान

लखनऊ/पटना/भोपाल/हैदराबाद/जयपुर (आरएनआई) — चक्रवात ‘मोंथा’ भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन उसका प्रभाव अभी भी देश के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी तबाही हुई है, जबकि उत्तर भारत में बारिश और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में चक्रवात के कारण सबसे अधिक नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत, 42 मवेशियों की हानि और 1.5 लाख एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं। राज्य सरकार के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, कुल नुकसान 5,265 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ है। तेलंगाना के वारंगल और हनमकोंडा जिलों में जलभराव के कारण करीब 2,000 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।

तेलंगाना के सूर्यापेट में पेड़ गिरने से एक बाइक सवार की मौत हुई, जबकि खम्मम जिले में एक ट्रक ड्राइवर के बह जाने की खबर है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि बापटल जिले में एक चर्च में फंसे 15 लोगों को बचाव दलों ने सुरक्षित बाहर निकाला, जिसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं। मुख्यमंत्री ने बचावकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी राहत कार्य लगातार जारी हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के. विजयानंद ने बताया कि चक्रवात के दौरान बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए 11,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा कि 9 प्रमुख सबस्टेशन क्षतिग्रस्त हुए थे, लेकिन सभी की मरम्मत कर 100% बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

मुख्यमंत्री नायडू ने सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सड़क एवं भवन विभाग को 2,079 करोड़, कृषि क्षेत्र को 829 करोड़, मत्स्य पालन को 1,270 करोड़, नगर प्रशासन को 109 करोड़ और जल संसाधन विभाग को 207 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह प्रारंभिक अनुमान है और विस्तृत रिपोर्ट जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

सबसे अधिक प्रभावित जिले नेल्लोर, बापटल और प्रकाशम रहे, जबकि अनुमानित काकीनाडा के बजाय चक्रवात का लैंडफॉल कोनसीमा जिले के अंतरवेदी गांव के पास हुआ। राज्य के प्रमुख जलाशय लगभग 90% क्षमता तक भर चुके हैं, जिनमें करीब 98.5 टीएमसी पानी संग्रहित है।

उधर, उत्तर भारत में भी चक्रवात का असर देखा गया। उत्तर प्रदेश के अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी समेत 15 से अधिक जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाएं चलीं और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राजस्थान के जयपुर, अलवर और करौली में भी हल्की बूंदाबांदी से मौसम ठंडा हो गया।

बिहार में पटना, गया और दरभंगा जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई, जबकि नेपाल में चक्रवात के असर से लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है। नेपाली मौसम विभाग ने 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी किनारे के इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर के पूर्व-मध्य भाग में एक और निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो पश्चिम की ओर लगभग 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। अगले 36 घंटे तक इसके प्रभाव के बने रहने की संभावना जताई गई है।

चक्रवात ‘मोंथा’ के बाद देश के कई हिस्सों में अभी भी भारी बारिश, ठंडी हवाओं और फसलों को नुकसान की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और राज्यों को आपदा प्रबंधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.