गुना में नालों पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण, प्रशासन-भू माफिया में ‘डाल-डाल, पात-पात’ का खेल!
गुना (आरएनआई) आखिर कैसे कोई भी व्यक्ति जल संसाधन विभाग, नगरपालिका और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर और प्लान स्वीकृत कराए बिना, नदी नालों में निर्माण कर बैठता है। कोई भी कहीं भी रिटेन वॉल और क्रॉसिंग के लिए पुलिया बना देता है? नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और डब्ल्यू आर डी के नियमों के साथ साथ प्रशासन को भी सरेआम चिढ़ा लेता है!
गुना में प्रशासन डाल डाल, भू माफिया पात पात,, वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। ये वीडियो भगत सिंह कॉलोनी के निवासियों ने बनाकर भेजा है। बताया है कि गोपालपुरा तालाब से निकले नाले में एक निजी स्कूल के पास नाले के बीचोंबीच आरसीसी की रिटेनिंग वॉल बनाई जा रही है। ताकि रिटेन वॉल तक मिट्टी भरकर भविष्य में प्लॉट बेचे जा सकें।
आप सोचिए, 29 जुलाई को बाढ़ आई, तबाही मची, लेकिन क्या सबक लिया। न भू माफिया सुधरे और न जनता ने गलत के विरोध में जोरदार आवाज उठाना शुरू किया। क्यों? क्योंकि सबको संबंध निभाना है, बुराई किसी को नहीं लेना है। जब यहां प्लॉटिंग होगी तो खरीददार भी यहां प्लॉट खरीद ही लेंगे। फिर भविष्य में जब बाढ़ आएगी तो कहेंगे प्रशासन क्या कल लहा था,, हमाले पाछ लजिस्ट्री है,, हमाले पास फलां है,, ढिंका है।
अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि अवैध निर्माण संज्ञान में आने पर और इतनी तबाही होने, विरोध होने के बाद तो नदी नालों की सीमाएं तय कर स्थाई चिह्न लगवाए जाएं। अतिक्रमण को तत्काल रोकने के लिए स्थाई निषेधाज्ञा जारी की जाए। और जो निर्माण अभी भी धड़ल्ले से चल रहे हैं वो तत्काल रोके जाएं, तोड़े जाएं।
क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी, सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों और अपराध को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए कलेक्टर गुना से व्यापक लोकहित में गुजारिश है कि नदी नालों में चल रहे अवैध निर्माणों को हटवाने के आदेश प्रदान करने का कष्ट करें।
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