गुना: जुआरियों को बिना एफआईआर छोड़ा, एसपी ने ऊमरी चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र सिंह चौहान को किया निलंबित, विभागीय जांच होगी
गुना (आरएनआई) केंट थाने में कई अपराधों में नामजद आरोपी सहित दो लोगों को जुए के अपराध में रंगे हाथों पकड़ने के बाद भी अनुचित लाभ लेकर बिना एफआईआर दर्ज किए छोड़ने के आरोप में निलंबित किए गए ऊमरी चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र सिंह चौहान को दूसरी बार चौकी का प्रभार मिल था। जब एसपी अंकित सोनी को चौकी प्रभारी द्वारा गड़बड़ी करने की शिकायत मिली तो उन्होंने खुद चौकी पहुंचकर माजरा समझा और देर रात चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र सिंह चौहान को निलंबित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि जुए के अड्डे पर कार्यवही से पहले ऊमरी पुलिस ने जुआरियों द्वारा पाटई में खड़े मुखबिर अर्जुन अहिरवार को अल सुबह पकड़कर जुआरियों और माल की जानकारी ले ली थी। अर्जुन को चौकी में बैठाकर पुलिस की एक टीम अड्डे पर दबिश देने पहुंची जबकि म्याना टीआई भी मय फोर्स के ऊमरी के लिए रवाना हुए। सूत्रों का दावा है कि इससे पहले ही काले रंग की गाड़ी से गुना से एक पुलिसकर्मी दो प्राइवेट व्यक्तियों के साथ कुछ जुआरियों को छुड़ाने पुलिस चौकी पहुंच गया था।
सूत्रों ने बताया कि उधर पुलिस की एक टीम पिकअप वाहन से सिविल कपड़ों में अर्जुन द्वारा बताए गए जुआरियों को पकड़ने पहुंची। घटनास्थल पर जुआ खेल रहे लोगों में से दो लोग मक्के के खेतों में भाग गए। जिनके एफआईआर में नाम नहीं आए। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने बाकी 10 जुआरियों को पकड़ लिया जिनमें से एक एसएएफ का आरक्षक बताया जा रहा है जिसे शासकीय कर्मचारी होने से रास्ते में उतार पुलिस टीम बाकी 09 जुआरियों को ऊमरी चौकी ले आई। म्याना टीआई भी फोर्स के साथ चौकी पहुंच गए। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के साथ फोटो लिए गए। इस मामले में टीआई रविन्द्र सिकरवार का कहना है कि चौकी प्रभारी को आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए और वापस थाना रवाना हो गए।
सूत्रों के मुताबिक इसके बाद चौकी में आरोपी गप्पू यादव और अंशुल रघुवंशी के नाम एफआईआर में न लिखने की डीलिंग हुई और इन दोनों आरोपियों को छोड़कर चौकी में बैठे अर्जुन अहिरवार और बाकी सात आरोपियों असलम खान, अभी जाट, शुभम शर्मा, साबिर खान, नितिन रघुवंशी, अंकित रघुवंशी और जावेद खान के विरुद्ध जुआ एक्ट में एफआईआर दर्ज कर ली गई। गप्पू यादव और अंशुल रघुवंशी को छोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि जिस जुआ अड्डे पर पुलिस ने रेड डाली वह खेत एक आरोपी ने खेती के लिए ठेके पर ले रखा है। सूत्रों ने बताया कि गुना से गए आरक्षक ने कार्यवाही के डर से सारी हकीकत एसपी को बता दी।
एफआईआर में कुछ आरोपियों के नाम न लिखने की सूचना मिलने पर एसपी अंकित सोनी ने गुना से ऊमरी पहुंच कर पूरे मामले की तह में जाकर जानकारी ली। इस दौरान पाया कि चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र सिंह चौहान ने अनाधिकृत लाभ लेकर आरोपियों गप्पू यादव और अंशुल रघुवंशी का नाम एफआईआर में नहीं लिखा और संदिग्ध आचरण का परिचय दिया। एएसआई महेंद्र चौहान का यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम तथा पुलिस रेगुलेशन के नियमों का उल्लंघन माना गया। एएसआई चौहान को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। इस मामले में विभागीय जांच भी संस्थित की जा रही है। यह भी जानकारी मिली कि दो आरोपियों की पहचान छुपाने के लिए पुलिस के अधिकृत प्रेस नोट में उनके नाम भी बदलवाए गए थे।
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