गुना के बारोद गांव में जमीन विवाद ने ली हिंसक शक्ल, रजक परिवार पर हमला — 6 घायल, 3 की हालत गंभीर
गुना (आरएनआई) जिले के आरोन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बारोद में फिर सामने आया गेहूंखेड़ा के शिक्षक ब्रह्मदास जैसा मामला। घटना ये है कि बारोद निवासी रंगीलाल रजक पिता मूलचंद रजक की मात्र दो बीघा जमीन गांव में स्थित है। उक्त जमीन हड़पने के चक्कर में ओझा समाज के करीब कर्जन भर लोगों ने रजक परिवार पर लाठी, कुल्हाड़ियों से हमला कर दिया। जिसमें रंगीलाल रजक, उनकी पत्नी ऊषा बाई और उनकी दो पुत्रियों ज्योति रजक 20 वर्ष, वर्षा रजक 18 वर्ष, के साथ रंगीलाल के भतीजे मंगल रजक, अंकेश रजक पुत्रगण बारेलाल रजक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में रंगीलाल के सिर और माथे में टांके आए हैं तथा जगह जगह गंभीर चोटें आई हैं। वहीं उनकी पत्नी बेहोश अवस्था में है जिसके सिर, हाथ, पैर गंभीर चोटिल हैं। उनके भतीजे मंगल रजक 20 वर्ष, अंकेश रजक 17 का हाथ फ्रैक्चर है। जिन्हें गुना रैफर किया है जहां जिला गुना अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना के संबंध में रंगीलाल ने बताया कि गांव के ही प्राण सिंह ओझा, बाबू सिंह, विनोद, मोनू पूरण ओझा,
लल्लो और भूरा साबित अन्य एक दर्जन लोगों के साथ आरोन से सीधे उनके खेत पर पिकअप भरकर आए और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब वह रिपोर्ट लिखाने आए तो पुलिस आनाकानी करती रही और मामूली धाराओं में मामला दर्ज कर रफा दफा कर दिया। पुलिस ने पिकअप और मोटर साइकिलों को भी पकड़ा है इसके बाद भी पुलिस ने कोई जिक्र नहीं किया। घायलों का कहना है कि पुलिस जब तक सख्त कार्यवाही नहीं करती जब तक कि कोई बड़ी घटना न घट जाए। अगर पुलिस पहले ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर दे तो इस तरह के प्रकरणों पर काफी हद तक विराम लग सकता है। अस्पताल में भर्ती मंगल रजक ने बताया कि वह मक्का में खाद रख रहा था और जैसे ही चिल्लाचोंट की आवाज आई तो बीच बचाव करने गया तो उस पर भी हमला कर दिया जिससे उसका हाथ टूट गया और जगह जगह चोट आई है। पीड़ित घायलों का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर मामला दबाने के लिए सिर्फ मामूली धाराओं में पूरण ओझा, लल्लो, बाबू और भूरा ओझा पर मामला दर्ज किया है।
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