गुना की सड़कों पर धूल और गड्ढों का आतंक: जिम्मेदारी से बचते सिस्टम पर उठे सवाल, जनसहयोग से समाधान की मांग तेज
गुना (आरएनआई) सड़कों से धूल साफ नहीं कराई जा रही तो लोग कर्रा जी करके रोज दिन भर में पचास साठ ग्राम धूल खा रहे हैं ताकि कुछ तो धूल कम हो। लेकिन फिर भी शहर में धूल कम नहीं हो रही। ऐसे ही सड़कों पर गाड़ियां भी बड़े सलीके से चला रहे हैं, इसलिए सड़कों पर तमाम गड्ढे होने के बाद भी कोई बड़ा हादसा अभी तक नहीं हुआ है। हमारा Gen Z भी जिम्मेदार है, बाइक से फर्राटे भरते समय गड्ढे बचा लेता है। ये कोई व्यंग्यात्मक बात नहीं है, हकीकत है।
नगरीय प्रशासन पर सैकड़ों सफाई मित्र हैं। स्वच्छता के लिए दुनिया भर के सफाई वाहन हैं। लेकिन शहर की प्रमुख सड़कों के किनारों पर धूल की मोटी परत जमी है। उतनी ही मोटी जितनी मोटी सिस्टम के जिम्मेदारी की चमड़ी हो चुकी है। वाहनों की हवा से ही सड़क झड़ती है और धूल उड़ती है। शाम के समय जब एबी रोड पर वाहन निकलते हैं तो धूल की वजह से सांस लेना मुश्किल हो रहा है। डिवाइडर के किनारों की सड़क पर जमा धूल कभी कभी हटाई जाती है। लेकिन सड़क के बाईं ओर मकान दुकानों तक कोई सफाई नहीं होती। दिन में सफाई हो भी नहीं सकती, क्योंकि वाहन पार्क रहते हैं, रेहड़ी वाले ठेले खड़े रहते हैं, शोरूम और दुकानों का सामान रखा रहता है। तो इन व्यस्त सड़कों सफाई रात में ही अभियान चलाकर ठीक से हो सकती है।
ऐसे ही ओवर ब्रिज से नानाखेड़ी तक सड़क में कई जगह गड्ढे हैं। कुछ गड्ढे आधा फुट तक गहरे हैं। जाम खुलते ही एक साथ दौड़ते वाहनों के बीच यदि सड़क का गहरा गड्ढा बचाने के लिए गलती से कट मार दिया जाए तो पास चल रहे वाहन से टकरा कर कपाल क्रिया होना तय है। डामर रोड बनाने वाले एक ठेकेदार का दावा है कि सिर्फ 10 लाख रुपए में ओवर ब्रिज से नानाखेड़ी तक एबी रोड के गड्ढे व्यवस्थित पेंचवर्क कर भरे जा सकते हैं। लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
राजनैतिक रस्साकशी में अपनी अपनी जिम्मेदारी से बचकर लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ करने वाले हालात पैदा करना कहां तक उचित है? आखिर जनता का क्या दोष है? जनता को सजा क्यों देना? यदि राजनीति धंधा नहीं समाजसेवा है तो फिर शहर की ये परेशानी राजनेताओं को क्यों नहीं दिखाई दे रही? क्यों प्रशासन सारे संसाधन होने के बाद भी सड़क नहीं झड़वा पा रहा। यदि पेंचवर्क के लिए 10 लाख भी नहीं हैं तो गुनिया की तर्ज पर जनसहयोग से इकट्ठा कर लो, लेकिन इस विकराल पीड़ादायक समस्या से निजात दिला दो साहब।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



