केरल की नर्स निमिषा को फांसी से बचाने की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, दो जजों की पीठ करेगी फैसला
वकील सुभाष चंद्रन केआर ने इस मामले को 10 जुलाई को तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया था। उन्होंने दलील दी थी कि इस मामले में शरिया कानून के तहत मृतक के परिवार को ब्लड मनी के भुगतान का विकल्प आजमाया जा सकता है। ब्लड मनी का अर्थ उस राशि से है जिसकी मांग मृतक का परिवार दोषी को माफ करने के बदले दोषी के परिवार से करता है।
नई दिल्ली (आरएनआई) सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र को एक भारतीय नर्स को बचाने के लिए राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। नर्स को यमन में 16 जुलाई को हत्या के आरोप में फांसी दिए जाने की आशंका है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है।
वकील सुभाष चंद्रन केआर ने इस मामले को 10 जुलाई को तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया था। उन्होंने दलील दी थी कि इस मामले में शरिया कानून के तहत मृतक के परिवार को ब्लड मनी के भुगतान का विकल्प आजमाया जा सकता है। ब्लड मनी का अर्थ उस राशि से है जिसकी मांग मृतक का परिवार दोषी को माफ करने के बदले दोषी के परिवार से करता है। राशि मिलने पर मृतक का परिवार उसे माफ कर देता है। और कानूनन तब उसे रिहा कर दिया जाता है।
वकील सुभाष चंद्रन केआर इसी विकल्प को खंगालने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने दलील दी कि अगर इस पैसे का भुगतान किया जाता है, तो मृतक का परिवार केरल की नर्स को माफ कर सकता है। पीठ ने वकील से याचिका की प्रति अटॉर्नी जनरल को देने को कहा और उनकी सहायता मांगी।
केरल के पलक्कड़ जिले की 38 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमनी व्यापारिक साझेदार की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। उसे 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी, और उसकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई थी।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



