कलेक्टर श्री कन्याल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का किया गया आयोजन
गुना (आरएनआई) कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट के सभागार में आज जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समिति सदस्य सहित जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग बी. सिसोदिया एवं संबंधित थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के आरंभ में अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग के एक्ट की धारा में दर्ज प्रकरणों में एसडीओ (पी) स्तर पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा किन कारणों से लंबित है, इसकी जानकारी ली गई। कैलेण्डर वर्ष 2025 के प्रथम त्रैमास 01 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 की स्थिति में एस०डी०ओ० (पी) स्तर से प्राप्त जानकारी अनुसार अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के एक्ट की धारा में दर्ज प्रकरणों में एस.डी.ओ. (पी) स्तर पर अनुसूचित जाति वर्ग के 06 प्रकरण एवं आदिवासी वर्ग के 05 प्रकरण इस प्रकार कुल 11 प्रकरण विवेचना एवं विभिन्न कार्यवाही हेतु लंबित है। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा इनके त्वरित निराकरण के लिए एसडीएम, सीईओ जनपद तथा एसडीओपी हर माह की 10 तारीख तक अनिवार्यत: बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये गये।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल द्वारा अनु. जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग गुना द्वारा अत्याचार राहत स्वीकृत / वित्तरण तथा वितरण हेतु शेष प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस संबंध में जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग श्री सिसोदिया ने अवगत कराया गया कि अनु. जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग गुना अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2025 की स्थिति में अनुसूचित जाति वर्ग के कुल 342 अत्याचार राहत प्रकरण प्राप्त हुये थे जिसके विरूद्ध 327 प्रकरणों में अत्याचार राहत राशि रूपये 321.28 लाख की स्वीकृत की जाकर 165 स्वीकृत प्रकरणों में राशि रू. 213.35 लाख का पी.एफ.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से पीडि़तों के बैंक खातों में भुगतान किया जा चुका है। शेष 162 स्वीकृत प्रकरणों में राशि रूपये 107.93 लाख के चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में पी.एफ.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से भुगतान की कार्यवाही प्रचलित है। तथा 15 प्रकरणों में पीडितों के ज़ाति प्रमाण पत्र अन्य जिलों के होने के कारण प्रकरण संबंधित जिलों को स्वीकृति हेतु भेजे गये है ।
अनु. जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग गुना अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की स्थिति में आदिवासी वर्ग के कुल 79 अत्याचार राहत प्रकरण प्राप्त हुये थे, जिसके विरूद्ध 75 प्रकरणों में अत्याचार राहत राशि रू. 127.00 लाख की स्वीकृति प्रदान की जाकर 63 स्वीकृत प्रकरणों में राशि रू. 110.50 लाख का पी.एफ.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से पीडितों के बैंक खातों में भुगतान किया जा चुका है। शेष 12 स्वीकृत प्रकरणों में राशि रूपये 16.50 लाख के चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में पी.एफ.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से भुगतान की कार्यवाही प्रचलित है। तथा 04 प्रकरणों में पीडितों के जाति प्रमाण पत्र अन्य जिलों के होंने के कारण प्रकरण संबंधित जिलों को स्वीकृति हेतु भेजे गये है।
आज आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा पुलिस थानों में गवाहों को यात्रा भत्ता मजदूरी भोजन व्यय भुगतान की समीक्षा, अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण 1989 अंतर्गत ए.जे.के. थाने में दर्ज प्रकरणों एवं उनके अन्वेषण की समीक्षा, तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा किस कारण लंबित है, एस.डी.ओ. (पी) द्वारा गवाहों/पीडितों को यात्रा भत्ता भुगतान मजदूरी इत्यादि की समीक्षा, एक्ट की धारा में पीडितों के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को जाति प्रमाण पत्र बनाने हेतु भेजे गये प्रकरणों एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा, न्यायालय में दर्ज निर्णित एवं लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिये गये।
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