कछौना के पूरब खेड़ा गांव में धंसा टयुबवेल, तीन माह पहले मुख्यमंत्री सिंचाई योजना में बना था ट्यूबवेल
कछौना (हरदोई) (आरएनआई) मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के नाम पर विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ने किसानों के साथ बड़ा मज़ाक किया है। कछौना ब्लॉक के पूरबखेड़ा गांव में तीन महीने पहले कराई गई गहरी बोरिंग मंगलवार को कमरे सहित धंस गई। यह हादसा किसानों के लिए किसी सदमे से कम नहीं। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, वरना यह दुर्घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
किसानों ने बताया कि योजना के अंतर्गत गहरी बोरिंग तो करा दी गई, लेकिन गुणवत्ता और सुरक्षा की जाँच नहीं हुई। बिजली कनेक्शन जुड़ने के बाद बोरिंग शुरू होते ही कुछ ही घंटों में बालू व गिट्टी भर गई और यह ठप पड़ गई। किसान रामशंकर ने ठेकेदार और विभाग को फोन कर इसकी सूचना दी, मगर सुनवाई नहीं हुई।
मंगलवार की दोपहर बारिश के दौरान किसान राम सहाय, अनंत, सोनू, रामकुमार, मेवालाल और करुणाशंकर कमरे के बरामदे में बैठे थे। बारिश थमते ही वे खेतों में चले गए और कुछ ही मिनटों बाद बोरिंग के पास बना कमरा भरभरा कर धंस गया। कमरे में लगा बिजली बोर्ड व अन्य सामान गहरे गड्ढे में समा गया।
गाँव के किसानों ने कहा कि उन्होंने बैंक से क़र्ज़ लेकर बोरिंग कराई थी ताकि समय पर पानी मिल सके और फसल की पैदावार बढ़े। लेकिन विभाग की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण वे एक बार भी खेत नहीं सींच पाए। अब न तो बोरिंग बची, न कमरा।
ग्रामीणों ने कड़े शब्दों में कहा कि यह घटना सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नई जगह बोरिंग नहीं कराई गई और हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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