ऑफलाइन आधार सत्यापन से पहले संस्थाओं का अनिवार्य पंजीकरण: UIDAI ने जारी किए नए नियम, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली (आरएनआई) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने ऑफलाइन आधार सत्यापन प्रक्रिया को और पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब किसी भी सरकारी या निजी संस्था को ऑफलाइन आधार सत्यापन (Offline Aadhaar Verification) की सुविधा का उपयोग करने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। यह प्रावधान पहली बार लागू किया गया है।
UIDAI ने इसे अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत कागज रहित ऑफलाइन e-KYC, आधार सत्यापन योग्य क्रेडेंशियल (QRC) सत्यापन या किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आधार सत्यापन की प्रक्रिया करने से पहले संस्थाओं का पंजीकृत होना आवश्यक होगा। पंजीकरण के बाद उन्हें ऑफलाइन वेरिफिकेशन रिक्वेस्टिंग एंटिटी (OVSE) का दर्जा दिया जाएगा।
नियमों का पालन अनिवार्य, उल्लंघन पर दंड
नए नियमों के अनुसार—
नियम व शर्तें पूरी न करने पर UIDAI संस्था का पंजीकरण रद्द या अस्वीकार कर सकता है।
गलत उपयोग, अनधिकृत सत्यापन या गलत उद्देश्य से आधार डेटा का इस्तेमाल करने पर संबंधित संस्था पर दंड और अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
निरीक्षण, जांच या लेखा परीक्षा (ऑडिट) में सहयोग न करने पर भी कार्रवाई तय है।
UIDAI संस्थाओं द्वारा ऑफलाइन सत्यापन के दौरान लिए जाने वाले शुल्क और प्रभार को भी तय करेगा, जिसकी दरें बाद में घोषित की जाएंगी।
इसके साथ ही OVSE संस्थाओं को आवश्यकता पड़ने पर सुविधा छोड़ने (सरेन्डर) का विकल्प भी मिलेगा।
पहली बार लागू हुआ प्रावधान
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि आधार सत्यापन करने वाली संस्थाओं का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान पहली बार लागू किया गया है, जिससे नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
इन नए नियमों से ऑफलाइन आधार सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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