आगरा में फर्जी विधायक गिरफ्तार: भाई को बनाया OSD, होटल में ठहरे और रौब दिखाकर करते रहे ठगी
आगरा (आरएनआई) आगरा में एक युवक द्वारा खुद को विधायक बताकर लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि आरोपी दिल्ली में पार्षद चुनाव हार चुका है और चुनाव के दौरान नेताओं वाला हाव-भाव अपनाने के बाद वह खुद को आगरा का विधायक बताकर घूमने लगा। उसने अपने भाई को अपना ओएसडी (OSD) घोषित कर दिया और दोनों ने मिलकर कई लोगों को डरा-धमकाकर फायदा उठाया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी विनोद और उसका भाई मनोज पिछले 18 दिनों से आगरा के सदर क्षेत्र के एक होटल में ठहरे हुए थे। उन्होंने होटल में ठहरने का किराया चुकाने के बजाय राजनीतिक रसूख दिखाकर आसपास के रेस्टोरेंट से अपने और परिचितों के लिए खाना मंगाना शुरू कर दिया। रुपये मांगने पर होटल संचालक को धमकाया जाता। शिकायत पर पुलिस जब होटल पहुंची, तो विनोद ने इतना रौब दिखाया कि होटल संचालक को ही पूरे महीने के ठहरने की व्यवस्था करने का ‘आदेश’ दे डाला। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने पर कार्रवाई आगे बढ़ी और दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गुरुवार को विनोद अपनी गाड़ी लेकर एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचा जहां एक प्रतियोगिता चल रही थी। उसने कर्मचारियों को डांट-फटकार लगाई और वीआईपी ट्रीटमेंट देने को मजबूर किया। इतना ही नहीं, उसने अधिकारियों से यह तक कह दिया कि वह दीप्ति शर्मा के स्वागत जुलूस में विशेष मुलाकात कराए और अपने तथा अपने बेटे के क्रिकेट खेलने के लिए व्यवस्था करे। इस दौरान किसी ने खुद को मीडियाकर्मी बताते हुए उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें वह आगरा का विधायक होने का दावा कर रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार ने वीडियो को संज्ञान में लेकर एसीपी सदर इमरान अहमद को जांच के आदेश दिए। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार पर लिखे 'राज्यसभा सांसद' तथा विनोद के बर्ताव को देखा तो संदेह गहरा गया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों भाई लोगों को विधायक और ओएसडी बनकर डराते, काम कराने का लालच देकर ठगी करते और फिर गायब हो जाते थे। कभी खुद को आगरा का विधायक बताते, तो कभी आसपास के जिलों में राज्यसभा सांसद बन जाते। उसका भाई मनोज भी शुरुआत से ही इस फर्जीवाड़े में शामिल था।
मधुनगर में घर के निर्माण कार्य का बहाना देकर दोनों होटल में ठहर रहे थे। होटल संचालक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने निर्देश दिए हैं कि यातायात माह के दौरान पदनाम लिखी गाड़ियों की विशेष जांच की जाएगी, ताकि रसूख का गलत इस्तेमाल कर आम लोगों को धमकाने वाले ऐसे तत्वों पर लगाम लगाई जा सके। पुलिस और यातायात विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे ताकि इस तरह के अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई हो सके।
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