अरोन तहसील जिला गुना मे आयोजित एक दिवसीय सत्संग
गुना (आरएनआई) सत्संग में सच्चे सनातन धर्म को बताते हुये वास्तविक नाम (सतनाम) के महत्व पर विशेष जोर।
अरोन तहसील मे तहसील स्तरीय सत्संग आयोजित एक दिवसीय सत्संग में संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रोजेक्टर के माध्यम से उन्होंने सतनाम के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि सिख धर्म के प्रवर्तक श्री गुरु नानक देव जी व रविदास जी, मीरा बाई को भी परमात्मा ने यही सतनाम प्रदान किया था। संत रामपाल जी ने श्रोताओं को समझाया कि विदेह परमेश्वर का नाम जाप करना ही सच्ची भक्ति का मार्ग है, और यह नाम केवल पूर्ण सतगुरु से प्राप्त किया जा सकता है।
सत्संग में संत रामपाल महाराज जी ने स्पष्ट किया कि सतनाम के बिना जीव का मोक्ष संभव नहीं है, चाहे वह कितने भी तीर्थ करे या पूजा-पाठ में लीन रहे। उन्होंने शास्त्रों के प्रमाणों से बताया कि विदेह परमात्मा कबीर साहेब ही सृष्टि के सच्चे रचयिता हैं। गीता अध्याय 17, श्लोक 23 का हवाला देते हुए उन्होंने समझाया कि "ॐ तत् सत" में सतनाम का भेद छुपा हुआ है।
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