4503 आवेदन, लेकिन 11,584 ट्रांसफर! जयवर्धन सिंह ने उठाया शिक्षा विभाग में बड़े घोटाले का मुद्दा
भोपाल (आरएनआई) विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज मैंने शिक्षा विभाग में हुए गंभीर स्थानांतरण घोटाले का मामला उठाया।
तारांकित प्रश्न क्रमांक 1300 के उत्तर में स्वयं विभाग ने स्वीकार किया कि वर्ष 2025 में केवल 4503 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कुल 11,584 शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया।
इनमें:
3608 प्रशासकीय ट्रांसफर
7976 स्वैच्छिक ट्रांसफर शामिल हैं।
जब आवेदन ही 4503 थे, तो 7000 से अधिक ट्रांसफर बिना आवेदन के कैसे हुए?
यह स्पष्ट रूप से स्थानांतरण नीति का उल्लंघन है और विभाग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
5.70 करोड़ का पोर्टल 3.0 – अधूरा और विफल
सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए भारत सरकार की संस्था NICSI को ₹5,70,80,250 की लागत से पोर्टल 3.0 बनाने का आदेश दिया। लेकिन पोर्टल न तो स्वैच्छिक ट्रांसफर की जानकारी देता है, न प्रदेशभर के स्कूलों और शिक्षकों की पूरी जानकारी। जिला-स्तर की पारदर्शिता भी नदारद है।
मेरी माँगें:
1. इस पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
2. जिन अफसरों ने नीति का उल्लंघन किया, उनकी जवाबदेही तय हो।
3. पोर्टल 3.0 की तकनीकी खामियों और जवाबदेही पर श्वेतपत्र लाया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में यदि पारदर्शिता नहीं रही, तो यह केवल शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं बल्कि आगामी पीढ़ियों के भविष्य से खिलवाड़ है।
मैं इस मुद्दे को जनता के बीच भी ले जाऊँगा और न्याय की माँग करता रहूँगा।
– जयवर्धन सिंह
पूर्व मंत्री एवं विधायक, राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र
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