30 अक्टूबर को निकलेगी खाटूनरेश शाही पालकी — शहर सजेगा दुल्हन की तरह, तैयारियों को लेकर बैठक में लिए गए अहम फैसले

Wednesday, October 22, 2025 - 21:52
Updated: 11 months ago
0

गुना (आरएनआई): प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी श्री श्याम परिवार गुना के तत्वावधान में शाही पालकी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला में ओमप्रकाश माहेश्वरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें एक सैकड़ा से अधिक श्याम प्रेमी शामिल हुए।

आयोजन की रूपरेखा:
शाही पालकी यात्रा 30 अक्टूबर को हनुमान चौराहा स्थित निजी होटल से दोपहर 1:30 बजे प्रारंभ होगी। यात्रा हाटरोड, सदर बाजार, लक्ष्मीगंज, गुरुद्वारा, जय स्तंभ चौराहा होते हुए रात्रि 8:30 बजे तक पवनश्री गार्डन पहुँचेगी, जहाँ बाबा श्याम की महाआरती संपन्न होगी। महाप्रसादी (पैक थाली) का वितरण रात्रि 8:15 बजे से प्रारंभ होगा।

इस वर्ष की थीम – “चुनरी”
2025 की शाही पालकी “चुनरी थीम” पर आधारित होगी। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वे निर्धारित वेशभूषा में शामिल हों —

पुरुष: श्वेत कुरता-पायजामा

महिलाएँ: राजस्थानी परिधान (चुनरी, लहरिया, बांधनी, पटोला आदि)
साथ ही, सभी महिला-पुरुषों से मेहंदी रचे हाथों से बाबा का स्वागत करने का आग्रह किया गया है।

सुरक्षा और व्यवस्था:

सुरक्षा व्यवस्था: श्री राजपूत करणी सेना के जिम्मे रहेगी।

प्रसादी वितरण: अग्रवाल नवयुवक दल, अग्रोहा युवा ग्रुप और जूनियर युवा ग्रुप द्वारा किया जाएगा।

स्वागत द्वार सहयोग राशि: ₹2100 निर्धारित, जिसके साथ दो निशुल्क अन्नकूट महाप्रसादी कूपन दिए जाएंगे।

केवल 81 स्वागत द्वार लगाए जाएंगे। इच्छुक व्यक्ति 27 अक्टूबर 2025 तक अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं।

विशेष निर्देश:

यात्रा मार्ग में गुलाल पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, लेकिन आतिशबाजी की अनुमति होगी।

बाबा के शीश का स्पर्श निषिद्ध रहेगा।

इत्र अर्पण रूई में भिगोकर करें, छिड़कें नहीं।

यात्रा मार्ग में घरों और संस्थानों पर रंगोली, पुष्पवर्षा, इत्रवर्षा से स्वागत करें।

दीपावली की सजावट एकादशी तक यथावत रखें।

मार्ग को रोशन रखने हेतु प्रत्येक घर एक हेलोजन लाइट लगाए।

महाप्रसादी थाली (₹50) के 3000 कूपन सीमित संख्या में उपलब्ध रहेंगे। कूपन 29 अक्टूबर तक निर्धारित स्थानों से प्राप्त किए जा सकते हैं।

महिला श्रद्धालुओं से विशेष अनुरोध किया गया है कि महंगे या असली आभूषण पहनकर न आएँ।

शाही पालकी के विश्राम के दौरान:
प्रत्येक स्थल पर 3×5 की मजबूत स्वच्छ टेबल, 5 किलो गुलाब की पंखुड़ियाँ, और फूलों की माला से सजावट आवश्यक होगी। प्रत्येक स्थान पर विश्राम समय अधिकतम 2 मिनट रहेगा ताकि पालकी समय से पवनश्री गार्डन पहुँच सके।

आयोजन संयोजक राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस बार शहर को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा और सभी तैयारियाँ श्री श्याम परिवार गुना के समर्पण और सहयोग से अंतिम चरण में हैं।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User