सिर पर तान दिया था तमंचा, ट्रिगर दबने से पहले बज गया हूटर... गुना में ऐसे बची युवक की जान
गुना: (आरएनआई) मध्य प्रदेश के गुना शहर के बीचों-बीच वंदना कॉन्वेंट स्कूल के पास गुरुवार सुबह सरेराह गुंडागर्दी का एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने जिला प्रशासन और पुलिस की कानून व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक व्यक्ति को घेरकर लाठी-डंडों और लोहे के पाइपों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान एक आरोपी ने तो पीड़ित पर जान से मारने की नीयत से तमंचा तक तान दिया। गनीमत रही कि ऐन वक्त पर दूर से बजते हूटर की आवाज सुनकर आरोपी मौके से भाग खड़े हुए। यह पूरी सनसनीखेज वारदात आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है।
गुना में जमीन कब्जे को लेकर एक व्यक्ति पर छह लोगों ने किया जानलेवा हमला
मंदिर से लौटते समय घात लगाकर बैठे आरोपियों ने किया हमला
जानकारी अनुसार, विंध्याचल कॉलोनी निवासी पीड़ित नरेश चौकसे सुबह करीब 9 बजे मंदिर से दर्शन कर अपनी स्कूटर से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह वंदना कॉन्वेंट स्कूल की घाटी के पास पहुंचे, वहां पहले से ही हथियारों से लैस होकर घात लगाए बैठे संतोष किरार , उसके बेटे सूरज सहित करीब आधा दर्जन बदमाशों ने उनकी स्कूटर पर लाठी मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया।
नरेश ने जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और लोहे के पाइप व डंडों से हमला कर लहूलुहान कर दिया। इसी बीच संतोष किरार ने अपनी कमर से कट्टा निकाला और नरेश पर तान दिया। गनीमत रही कि उसी समय मुख्य मार्ग पर किसी वाहन का हूटर बज गया। पुलिस के आने के डर से आरोपी पीड़ित को धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस दौरान सड़क पर लोग मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
पुरानी रंजिश और जमीन पर अवैध कब्जे का विवाद
पीड़ित नरेश चौकसे ने बताया कि आरोपियों से उनका पुराना विवाद चल रहा है। बमोरी में उनका एक प्लॉट है, जिसकी रजिस्ट्री स्वयं उनके नाम पर है, लेकिन आरोपी उस पर अवैध कब्जा करना चाहते थे। पूर्व में कलेक्टर को आवेदन देने के बाद प्रशासन ने उक्त जमीन को खाली करा दिया था, इसी बात से आरोपी रंजिश पाले हुए थे।
पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला
इससे पहले 25 मई को भी आरोपियों ने कटरा गांव के पास नरेश को रोककर उनकी कार में जमकर तोड़फोड़ की थी, जिसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
पूर्व शिकायत के बाद भी नहीं चेती पुलिस, सुरक्षा पर उठे सवाल
पीड़ित का गंभीर आरोप है कि वे अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने कई बार एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। कार में तोड़फोड़ की एफआईआर होने के बाद भी यदि समय रहते पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जाता, तो आज उनके साथ यह जानलेवा वारदात घटित नहीं होती। पुलिस की इसी ढीली कार्रवाई के कारण बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। फिलहाल, सरेराह हुई इस मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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