“टाइगर अभी जिंदा है” कहकर गरजे केपी यादव, ‘शिकार’ वाले सवाल पर मुस्कुराकर दिया जवाब
अशोकनगर_मुंगावली (आरएनआई) गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद और खाद एवं नागरिक आपूर्ति निगम के नव-नियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव (केपी यादव) का मुंगावली दौरा सिर्फ सादगी ही नहीं बल्कि अपने तीखे और चटकदार बयानों के लिए भी चर्चा में आ गया है। प्रधानमंत्री की अपील पर ट्रेन से सफर कर मुंगावली पहुंचे डॉ. यादव ने जब बहादुरपुर रोड से पैदल रोड शो निकाला तो कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर था। लेकिन असली धमाका तब हुआ जब वे रामलीला मंच पर पहुंचे और वहां से उनकी एक दहाड़ ने पूरी सियासत में हलचल मचा दी। आभार सभा को संबोधित करते हुए डॉ. केपी यादव पूरी तरह अपने पुराने रंग में नजर आए। कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम और नारेबाजी के बीच उन्होंने माइक संभालते हुए फिल्मी अंदाज में दहाड़ मारी और कहा "टाइगर अभी जिंदा है!" केपी यादव के मुंह से यह डायलॉग निकलते ही पूरा पंडाल तालियों और गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया कि आखिर इस 'दहाड़' के पीछे का निशाना कौन है? सभा खत्म होते ही जब डॉ. केपी यादव मीडिया के कैमरों के सामने आए तो पत्रकारों ने भी मौका नहीं गंवाया। पत्रकारों ने उन्हें घेरते हुए सीधा और चटकानेदार सवाल दाग दिया— "यादव जी, आपने मंच से कहा कि टाइगर अभी जिंदा है... तो क्या टाइगर ने किसी का शिकार किया है या फिर आने वाले दिनों में किसी बड़े शिकार की तैयारी है?" इस तीखे सवाल पर डॉ. केपी यादव बिल्कुल भी असहज नहीं हुए। उन्होंने चेहरे पर एक सधे हुए राजनेता की मुस्कान बिखेरी और मामले को संभालते हुए कहा "अरे भाई! ऐसा कुछ नही है। मंच पर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश था और अपने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए कभी-कभी ऐसे डायलॉग बोल दिए जाते हैं। इसका कोई दूसरा मतलब न निकाला जाए।" भले ही केपी यादव ने इस बयान को कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाला बताकर टालने की कोशिश की हो लेकिन मुंगावली के राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस 'दहाड़' और 'शिकार' वाले सवाल-जवाब के मायने बहुत गहरे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि केपी यादव ने इस एक डायलॉग से अपने विरोधियों और समर्थकों दोनों को एक साथ बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

