इस्राइल में सैन्य भर्ती के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, अति-रूढ़िवादी यहूदियों ने सड़कें जाम कर फूंकीं गाड़ियां
यरुशलम/तेल अवीव (आरएनआई) इस्राइल में अनिवार्य सैन्य भर्ती को लेकर विरोध तेज हो गया है। हजारों अति-रूढ़िवादी यहूदी (हारेदी समुदाय) सड़कों पर उतर आए और देश के कई हिस्सों में व्यापक प्रदर्शन किए। प्रदर्शन के दौरान कई प्रमुख राजमार्गों को जाम कर दिया गया, रेल सेवाएं प्रभावित हुईं और कुछ स्थानों पर वाहनों में आग लगा दी गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने यरुशलम और तेल अवीव सहित कई प्रमुख शहरों में सड़कें अवरुद्ध कर दीं। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक बस से उतर रहे सैनिक पर भी हमला किया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। विरोध प्रदर्शनों के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं और कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।
दरअसल, इस्राइल में अधिकांश यहूदी पुरुषों और महिलाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। हालांकि, वर्षों से अति-रूढ़िवादी समुदाय के कई युवाओं को धार्मिक शिक्षा का हवाला देकर सैन्य सेवा से छूट मिलती रही है। अब सरकार और सेना इस छूट की समीक्षा कर रही हैं, जिसके बाद हारेदी समुदाय में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गाजा और अन्य मोर्चों पर लंबे समय से जारी सैन्य अभियानों के कारण इस्राइली सेना पर दबाव बढ़ा है और सैनिकों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी वजह से सरकार सैन्य भर्ती के दायरे को व्यापक बनाने पर विचार कर रही है।
हालांकि स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन इसे "गृहयुद्ध" कहना फिलहाल अतिशयोक्ति माना जाएगा। यह सैन्य भर्ती को लेकर एक गंभीर राजनीतिक और सामाजिक टकराव है, जिसने इस्राइल के भीतर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को फिर से सामने ला दिया है।
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