मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड मामले में DM ने दिए जांच के आदेश : लापरवाही या कमी!
मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर का प्रसिद्ध निजी हॉस्पिटल प्रसाद अस्पताल में अहले सुबह हुई दर्दनाक हादसे को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने उच्चस्तरीय जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. इस मामले में एसडीएम और एसडीपीओ भी शामिल है. बताया गया की आईसीयू वार्ड और सीसीयू वार्ड को मिलाकर करीब 20 मरीज अस्तपाल में भर्ती थे. अब तब की जांच में आग लगने का कारण प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट लग रहा है. आईसीयू में लगे मॉनिटर में आग लगने की बात सामने आ रही है. यही से आग फैल गई. देखते ही देखते आईसीयू और सीसीयू में पूरा धुएं का गुबार फट गया. इसकी चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई.
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी ने कहा की कुछ मरीज अन्य अस्पतालों में भी भर्ती हैं। हमलोग प्रयास कर रहे हैं मरीजों का समुचित इलाज हो। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का निर्देश है कि किसी के भी इलाज में कोई दिक्कत नहीं हो। सभी के इलाज का खर्चा सरकार खुद उठा रही है। मरने वालों के परिजनों को चार-चार लाख का मुआवजा दिया जाएगा. शव को पोस्टमार्टम कराया जाने के लिए मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है. इस मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. मृतक के परिजन के लिए राज्य सरकार द्वारा चार-चार लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा किया गया है.
सीएम ने घटना पर दुःख प्रकट किया...
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि मुजफ्फरपुर के एक प्रसाद अस्पताल में आग लगने से व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है. शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है.
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार तड़के करीब दो बजे आग लग गई। अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना मिली है। मरने वालों में औराई के 30 वर्षीय शशांक कुमार, कथैया की गीता देवी और तरियानी-शिवहर के 57 वर्षीय उदय कुमार, कृष्ण नंदन और चंचला कुमारी के शव की पहचान हो सकी है. जबकि प्रांभिक जानकारी में कई लोगों के हताहत होने की जानकारी आई थी.!
लापरवाही या कमी !...
मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में प्रसिद्ध प्रसाद हॉस्पिटल में अग्लगी कांड का जिम्मेदार कौन है, कर्मी या प्रबंधन घटना के वक्त कहा थे, आखिर शुरुवाती में ही आग पर क्यों नही काबू पाया गया. आखिर पहले से क्योंकि नही फायर सेफ्टी पर ध्यान दिया गया?. घटना के बाद परिजनों के बीच हाहाकार मचा हुआ है. जो अपनो की जिंदगी बचाने अस्पताल इलाज के लिए आया था उसे क्या पता पोस्टमार्टम करना पड़ेगा. मुजफ्फरपुर की यह घटना सुरक्षा मानकों को लेकर भी कई सवाल खरे कर रहा है.
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