सियासत में सौहार्द का संदेश: प्रियंका गांधी को नितिन गडकरी ने दिया समय, अपने हाथों से बनी खास डिश भी खिलाई
नई दिल्ली (आरएनआई)। संसद में अक्सर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुरुवार को सियासत का एक बेहद सकारात्मक और मानवीय चेहरा देखने को मिला। लोकसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात का समय मांगा। प्रियंका ने हल्के शिकायती लहजे में कहा कि वह जून से मिलने का समय मांग रही हैं। इस पर नितिन गडकरी ने सहज अंदाज में जवाब दिया—“कभी भी आ जाइए, अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं, दरवाजे हमेशा खुले हैं।”
गडकरी के इस जवाब पर प्रियंका गांधी ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया। संसद में यह संवाद देखते ही देखते सौहार्द और आपसी सम्मान का प्रतीक बन गया। इसके ठीक एक घंटे बाद प्रियंका गांधी नितिन गडकरी के कार्यालय पहुंचीं, जहां दोनों नेताओं के बीच मुलाकात बेहद आत्मीय माहौल में हुई।
मुलाकात के दौरान प्रियंका गांधी ने वायनाड क्षेत्र की सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याएं रखीं। गडकरी ने स्पष्ट किया कि इनमें से कई विषय राज्य सरकार से भी संबंधित हैं। इस पर प्रियंका ने कहा कि केंद्र अपने हिस्से का काम करे और जब केरल में उनकी सरकार बनेगी, तो राज्य से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता से सुलझाया जाएगा।
बैठक के दौरान माहौल और भी अनौपचारिक हो गया, जब नितिन गडकरी ने प्रियंका गांधी को चावल से बनी एक खास डिश परोसी। खास बात यह रही कि यह डिश गडकरी ने खुद यूट्यूब देखकर बनाई थी। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “एक बार भाई (राहुल गांधी) का काम किया था, अब बहन का नहीं करूंगा तो सवाल उठेंगे।”
संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक मतभेदों के बावजूद यह मुलाकात लोकतंत्र में संवाद, सहयोग और आपसी सम्मान का एक खूबसूरत उदाहरण बनकर सामने आई, जिसने यह संदेश दिया कि सियासत में सहमति और सौहार्द की भी पूरी गुंजाइश है।
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