शटडाउन और टैरिफ नीति पर बिफरे ट्रंप, डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना — “अगर टैरिफ नहीं लगाए होते, तो चार युद्ध अभी भी चल रहे होते”
वॉशिंगटन (आरएनआई) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी शटडाउन और आर्थिक नीतियों को लेकर डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला बोला है। व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने न केवल विपक्ष की नीतियों को विफल बताया, बल्कि टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी अपने रुख का खुलकर बचाव किया।
ट्रंप ने कहा, “अगर मेरे पास टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं होता, तो सात में से कम से कम चार युद्ध आज भी चल रहे होते।” उन्होंने दावा किया कि टैरिफ नीति के कारण अमेरिका ने न सिर्फ सैकड़ों अरब डॉलर कमाए, बल्कि कई मोर्चों पर शांति कायम रखने में भी अहम भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान का भी उल्लेख किया। ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान तैयार थे... सात विमान गिराए गए... मैं विस्तार में नहीं जाऊंगा, लेकिन जो कहा, वह बेहद प्रभावी था।”
डेमोक्रेट्स पर शटडाउन को लेकर आरोप
देश में सरकारी शटडाउन को एक सप्ताह हो चुका है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वे स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने अरबों डॉलर “बर्बाद” होने की बात भी कही। उनका कहना है कि डेमोक्रेट्स शटडाउन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
ट्रंप का यह रुख रिपब्लिकन पार्टी की उस लाइन को दोहराता है, जिसमें वे ‘ओबामाकेयर’ के तहत दी जा रही सब्सिडी के विस्तार का विरोध करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा, “हम डेमोक्रेट्स के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अच्छी चीजें ला सकती है, लेकिन हमें विवेकपूर्ण रहना होगा।”
कांग्रेस में गतिरोध जारी
सीनेट में रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने कहा कि अफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) सब्सिडी पर आगे का रास्ता संभव है, लेकिन यह व्हाइट हाउस के रुख पर निर्भर करेगा। हालांकि, डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि “अब समय है स्वास्थ्य देखभाल पर समझौता करने का।”
दोनों खेमे एक-दूसरे पर शटडाउन के लिए दोषारोपण कर रहे हैं। रिपब्लिकन स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि “प्रतिनिधि सभा पहले ही अस्थायी बजट पारित कर चुकी है, अब बातचीत की जरूरत नहीं है।” वहीं जेफ्रीज ने चेतावनी दी कि बीमा प्रीमियम बढ़ने की सूचनाएं भेजी जा रही हैं, जिससे आम अमेरिकियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
अमेरिका में जारी शटडाउन का असर वैश्विक बाजारों तक दिखने लगा है। रोजगार दर में गिरावट और मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। टैरिफ नीति के चलते व्यापार जगत भी अस्थिरता का सामना कर रहा है।
ट्रंप प्रशासन इस स्थिति को “सरकारी खर्च कम करने और नौकरियों में सुधार का अवसर” बता रहा है, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे खतरनाक प्रयोग करार दिया है। सीनेटर एडम शिफ ने कहा, “यह संकट बन सकता है — करोड़ों अमेरिकियों का स्वास्थ्य बीमा महंगा हो जाएगा। प्रशासन कांग्रेस से स्वीकृत खर्च को रोक रहा है, जिससे किसी भी बजट समझौते की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।”
वॉशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स आने वाले दिनों में किसी ठोस समझौते तक पहुंच पाएंगे या अमेरिका का शटडाउन और लंबा खिंचेगा।
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