विदेशी मुद्रा कानून मामले में ईडी की छापेमारी, ई-कॉमर्स कंपनियों के विक्रेताओं के ठिकानों की ली तलाशी
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम साल 1999 में लागू किया गया था। फेमा में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही विदेशी मुद्रा या विदेशी प्रतिभूति में लेनदेन करने की अनुमति दी गई है।
नई दिल्ली (आरएनआई) प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को FEMA (फेमा) जांच के तहत Amazon, Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के कुछ विक्रेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली, गुरुग्राम (हरियाणा), हैदराबाद (तेलंगाना) और बंगलूरू (कर्नाटक) में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कुछ Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से कारोबार करने वाले कुछ विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की जा रही है।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम साल 1999 में लागू किया गया था। फेमा में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही विदेशी मुद्रा या विदेशी प्रतिभूति में लेनदेन करने की अनुमति दी गई है। अधिनियम के अंतर्गत, ऐसे अधिकृत व्यक्ति से मतलब अधिकृत डीलर, मनी चेंजर, विदेशी बैंकिंग यूनिट या कोई अन्य व्यक्ति जिसे उसी समय रिजर्व बैंक द्वारा प्राधिकृत किया गया हो, से है। फेमा का उद्देश्य विदेशी व्यापार तथा भुगतानों को आसान बनाना और विदेशी मुद्रा बाजार की सुरक्षा करना है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6XB
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



