राहुल के रात्रिभोज में उद्धव की अंतिम पंक्ति की सीट पर विवाद, शरद पवार ने बताया अनावश्यक
उन्होंने कहा, 'एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन था। जब हम स्क्रीन पर कोई फिल्म देखते हैं, तो हम आगे नहीं, बल्कि पीछे बैठते हैं। फारूक अब्दुल्ला और मैं पीछे बैठे थे। इसी तरह उद्धव ठाकरे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी प्रेजेंटेशन ठीक से देखने के लिए पीछे बैठे थे।'
मुंबई (आरएनआई) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुखिया उद्धव ठाकरे को लेकर छिड़े विवाद को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने इस विवाद को बुतुका और गैर-जरूरी बताया है। दरअसल, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर गुरुवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं के लिए एक डिनर पार्टी आयोजित की गई थी। इस दौरान उद्धव भी वहां मौजूद थे। तस्वीरों में उन्हें अंतिम पंक्ति में बैठा दिखाया गया। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो गई। इसे लेकर सियासी घमासान छिड़ गया। कई लोगों ने इसे शिवसेना और महाराष्ट्र का अपमान बताया। इस पर शरद पवार ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से आयोजित रात्रिभोज में उद्धव ठाकरे को अंतिम पंक्ति में बैठाने पर विवाद अनावश्यक है।
शरद पवार ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'वोट चोरी' वाला आरोप अच्छी तरह से शोध और दस्तावेजों पर आधारित था। इस मामले की जांच करना चुनाव आयोग (ईसीआई) का काम है। नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरद पवार ने स्वीकार किया कि विपक्षी महा विकास अघाड़ी को महाराष्ट्र में चुनाव से पहले अधिक सावधान रहना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'हमें पहले ही इस पर गौर करना चाहिए था और सावधानी बरतनी चाहिए थी।'
शरद पवार ने दावा किया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो लोगों ने नई दिल्ली में उनसे मुलाकात की थी और 288 में से 160 सीटों पर विपक्ष की जीत की गारंटी दी थी। पवार ने कहा कि उन्होंने दोनों को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलवाया था। पवार ने यह खुलासा राहुल गांधी की ओर से भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोप को लेकर उठे विवाद के बीच किया है।
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया। उन्होंने जो कहा गया था, उसे नजरअंदाज कर दिया। उनका यह भी मानना था कि हमें ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए और सीधे जनता के पास जाना चाहिए।' पवार ने दावा किया कि चूंकि उन्होंने दोनों व्यक्तियों के दावों को कोई महत्व नहीं दिया, इसलिए उनके पास उनके नाम और संपर्क विवरण नहीं हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीटें मिलीं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एक संस्थागत चोरी बताया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के लिए इस चोरी को अंजाम देने के लिए भाजपा के साथ खुलेआम मिलीभगत कर रहा है।
वरिष्ठ नेता ने इस बात पर अफसोस जताया कि राहुल गांधी की ओर से आयोजित रात्रिभोज में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बैठने का मुद्दा एक अनावश्यक विवाद बन गया है। उन्होंने कहा, 'एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन था। जब हम स्क्रीन पर कोई फिल्म देखते हैं, तो हम आगे नहीं, बल्कि पीछे बैठते हैं। फारूक अब्दुल्ला और मैं पीछे बैठे थे। इसी तरह उद्धव ठाकरे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी प्रेजेंटेशन ठीक से देखने के लिए पीछे बैठे थे।'
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव पर अभी अपना रुख तय नहीं किया है। शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ राकांपा के साथ अपने गुट के हाथ मिलाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, 'हम भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ कभी गठबंधन नहीं करेंगे।
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