राज्य निर्वाचन आयोग पर भड़के सीएम फडणवीस, बोले—पता नहीं किससे सलाह ले रहा आयोग?
मुंबई (आरएनआई)। महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में आगामी निकाय चुनाव स्थगित किए जाने के फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग की तीखी आलोचना की। पैठण में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव टालना उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय है, जिन्होंने निर्धारित समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी की हैं।
फडणवीस ने सवाल उठाया कि आयोग आखिर किससे सलाह लेकर ऐसे फैसले ले रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत में किसी उम्मीदवार द्वारा दाखिल याचिका को आधार बनाकर पूरी चुनाव प्रक्रिया रोक देना कानून सम्मत नहीं है। उनके अनुसार, निर्वाचन आयोग स्वतंत्र निकाय है, पर उसकी स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि वह अंतिम क्षण में पूरे चुनाव को ही स्थगित कर दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे को आयोग के समक्ष उठाएंगे।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी आयोग के फैसले पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव स्थगित करना अभूतपूर्व है और यह कई प्रत्याशियों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। सरकार ने आयोग से उसके निर्णय के कानूनी आधार पर स्पष्टता की मांग की है।
इसी दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने पिछली सरकारों पर शहरों के विकास की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शहरी इलाकों के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं बनी, जिसके कारण अतिक्रमण, झुग्गियों का विस्तार, पानी और कचरा प्रबंधन की गंभीर चुनौतियाँ खड़ी हुईं। फडणवीस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई शहरी विकास योजनाओं ने इन मुद्दों को दूर करने की दिशा में बड़ा योगदान दिया है। उनके अनुसार, देश की जीडीपी का 65% हिस्सा शहरों से आता है, ऐसे में शहरी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



