अमेरिका पर टैरिफ दबाव के बीच कनाडा–मैक्सिको ने मिलाया हाथ, संबंध मजबूत करने का एलान
कनाडा और मैक्सिको ने अमेरिकी राष्ट्रपति की व्यापारिक धमकियों के बीच आपसी व्यापार को मजबूत करने और मुक्त व्यापार समझौते (यूएसएमसीए) को बनाए रखने का संकल्प लिया। दोनों देशों ने समुद्री रास्तों से व्यापार बढ़ाने और अमेरिका पर निर्भरता घटाने की बात कही।
मैक्सिको (आरएनआई) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ से जुड़ी धमकियों के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने गुरुवार को घोषणा की कि वे आपसी व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेंगे। उन्होंने पश्चिमी गोलार्ध के सबसे अहम मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जीवित रखने की बात कही। इस एफटीए की अगले साल समीक्षा होनी है। पश्चिमी गोलार्ध में उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको और कुछ पश्चिमी अफ्रीकी हिस्से आते हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री बनने के बाद कार्नी का यह पहला मैक्सिको दौरा है। दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र आर्थिक तनातनी से गुजर रहा है। मैक्सिको के राष्ट्रपति भवन में कार्नी और शीनबाम ने हाथ मिलाया और फिर एकसाथ बैठक के लिए प्रवेश किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप वहां मौजूद नहीं थे। लेकिन उनकी व्यापार नीति और अनिश्चितता इस मुलाकात के दौरान चर्चा का केंद्र बनी।
बैठक के बाद कार्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, उत्तरी अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह सबसे प्रतिस्पर्धी आर्थिक क्षेत्र माना जाता है और इसका एक बड़ा कारण कनाडा और मैक्सिको के बीच सहयोग है। हम अमेरिका के साथ मिलकर काम करते हैं, जिससे वह और भी मजबूत बनता है। हस सभी मिलकर और भी मजबूत बनते हैं। कार्नी और शीनबाम की बैठक का मुख्य विषय 'अमेरिका-मैक्सिको-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता' यानी यूएसएमसीए था, जिसकी 2026 में समीक्षा होनी है।
यह एफटीए तीनों देशों के बीच दशकों से चला आ रहा है। इससे तीनों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हैं। कनाडा का 75 फीसदी से अधिक निर्यात और मैक्सिको का 80 फीसदी से अधिक निर्यात अमेरिका को ही जाता है। ट्रंप की लगातार बदलती व्यापार नीति और टैरिफ की धमकियों ने इन देशों के नेताओं और व्यापार जगत चिंतित कर दिया है, जिससे वे अब व्यापार के लिए अधिक स्थिर विकल्पों की तलाश में है।
टोरंटो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिटस नेल्सन वाइसमैन ने कहा, ट्रंप की गैरमौजूदगी के बावजूद उनकी छवि इस दौरे पर हावी है। कनाडा और मैक्सिको अब अमेरिका से एक समान खतरा महसूस कर रहे हैं। गुरुवार को कार्नी ने कहा कि वह कनाडा और मैक्सिको के बीच और अधिक व्यापार और निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। शीनबाम ने कहा कि दोनों देशों ने एक ऐसी योजना पर सहमति बनाई है, जो उनकी आपसी आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देगी। शीनबाम ने यह भी कहा कि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना चाहते हैं और इसके लिए समुद्री मार्गों का उपयोग करेंगे, ताकि उनका माल अमेरिका से होकर न गुजरे।
कार्नी के दौरे का मकसद मैक्सिको के साथ संबंध बेहतर करना भी था। दरअसल, कनाडा के कुछ प्रांती नेताओं ने पिछले साल कहा था कि अगर अमेरिका से नया व्यापार समझौता होता है, तो उसमें मैक्सिको को शामिल न किया जाए। ट्रंप ने फेंटानिल की तस्करी के मुद्दे पर कनाडा को मैक्सिको के साथ जोड़ा था और दोनों देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उस समय ओंटारियों प्रांत के प्रमुख नेता डग फोर्ट ने कहा था कि ट्रंप द्वारा कनाडा की तुलना मैक्सिको से करना सबसे अपमानजनक बात है। शीनबाम के राष्ट्रपति पद की शपथ समारोह में कनाडा का प्रतिनिधित्व करने वाले कनाडा के सांसद पीटर बोहम ने कहा कि इन प्रांतीय नेताओं की टिप्पणियों से मैक्सिको नाराज हो गया था। उन्होंने कहा कि मैक्सिको के लोग इस तरह के मामलों के लेकर खासे संवेदनशील हैं और इसमें कोई शक नहीं कि वे इसको लेकर चिंतित थे।
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