मथुरा वृन्दावन में ज़मीन के फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा!
सुधीर शुक्ला
मथुरा-वृन्दावन (आरएनआई) मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र में ज़मीन में फर्जीवाड़ा का जाल दिनों-दिन गहराता जा रहा है। करोड़ों की कीमत वाली ज़मीन को कई-कई ग्राहकों को बेचने वाले भूमाफिया अब खुलेआम सक्रिय हो चुके हैं। ताज़ा मामला जैत थाना क्षेत्र के राल रोड पर सामने आया है, जहाँ खसरा संख्या 1013, रकबा 4 बीघा की ज़मीन पर भारी आर्थिक अपराध का पर्दाफाश हुआ है।
मामला क्या है?
24 जनवरी 2024 को ग्राम राल निवासी सुरेश चंद्र, पुष्पेंद्र, राजेंद्र ने यह ज़मीन सुधीर शुक्ला, संदीप बंसल, विष्णु कुशवाह, रामप्रसाद शुक्ल उर्फ नीरज शास्त्री आदि ने एकराय होकर नेहल अग्रवाल के नाम अनुबंधित की थी। अनुबंध की शर्त थी कि किसान 4 बीघा की चारदीवारी करने की शर्त पूरी करेगा।
चारदीवारी करने के बहाने विक्रेता पक्ष ने खरीदार सुधीर शुक्ला, संदीप बंसल, विष्णु आदि से करीब 4 करोड़ रुपये अलग-अलग किश्तों में वसूले। लेकिन समय बीतता गया न चारदीवारी हुई और न ही रजिस्ट्री हुई।
जब खरीदारों ने रजिस्ट्री का दबाव बनाया और और अतिरिक्त धनराशि देने से मना किया तो 9 जुलाई 2025 को उसी ज़मीन का बैनामा एक अन्य डमी खरीदार शेर सिंह के नाम किसान सुरेश चंद्र, पुष्पेंद्र, राजेंद्र ने फर्जी तरीके से कर दिया गया।
शेर सिंह – मोहरा या खरीदार?
जांच में सामने आया कि शेर सिंह असली खरीदार नहीं बल्कि सिर्फ मोहरा है।
8 जुलाई 2025 को उसके नाम से एक राष्ट्रीयकृत बैंक में नया खाता खोला गया। खाता खोलने के लिए सुनंद मित्तल के बैंक खाते से ₹25,000 जमा किए गए।
अगले ही दिन यानी 9 जुलाई 2025, को K B Realty Pvt Ltd के बैंक खाते से 45.90 लाख, 20.90 लाख जैसी बड़ी रकम शेर सिंह के खाते में ट्रांसफर हुई और उसी धन से रजिस्ट्री करा दी गई।
बड़ा सवाल – भूमाफिया कौन?
इस पूरे खेल के पीछे नाम सामने आया है के बी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और उसके संचालक सुनंद मित्तल का, जो मथुरा के कुख्यात भूमाफिया बताए जा रहे हैं।
सत्ता से गहरे संबंध होने का दावा करते हैं।
कई प्रोजेक्ट नियमों के विपरीत चल रहे हैं।
बड़े रसूख के बल पर प्रशासन को अपनी जेब में रखने की बातें करते देखे गए हैं।
किसान बेइमानी कर रहा था
इसी का फायदा उठाकर बड़े भूमाफिया संगठित तरीके से करोड़ों के आर्थिक अपराध को अंजाम दिया हैं।
एफआईआर दर्ज
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर जैत थाने में 6 सितंबर 2025 को एफआईआर दर्ज हुई है।
इसमें गंभीर धाराएं लगाई गई हैं –
BNS 318(4)
BNS 316(2)
BNS 61(2)
अब देखना होगा कि पुलिस जांच इस अपराध को अंजाम तक पहुंचाती है या रसूखदारों के दबाव में लीपापोती होती है। सूत्रों के अनुसार मथुरा के बड़े उद्योगपति प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ राधा वैली के भूमाफिया भी सम्मिलित बताएं गए है इस अपराध में, प्रमाण मिलने पर उनका भी नाम भी शीघ्र उजागर किया जाएगा।
ब्रजभूमि की धरती पर यह ज़मीन घोटाला अब लोगों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।
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