मकबरा या मंदिर भाजपा करेगी अदालत का रुख, सुरक्षा को देखते हुए निधेषज्ञा 16 अक्टूबर तक बढ़ाई गयी
फतेहपुर (आरएनआई) आबूनगर स्थित मकबरा विवाद के बाद अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी टाइटिल सूट को लेकर अदालत जाने की तैयारी कर रही है। पहले से चल रहे मामले में भाजपा ने रुचि दिखाते हुए टाइटिल सूट के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने पार्टी के विधि प्रकोष्ठ को ज़िम्मेदारी सौंपी है।
आबूनगर स्थित मकबरे को भाजपा व हिन्दू संगठन ने ठाकुर जी विराजमान मंदिर बताया था। ग्यारह अगस्त को पूजा करने के लिए एकत्र होने का आह्वान किया था। भाजपा नेताओं, बजरंगदल, विहिप समेत अन्य हिन्दू संगठन के नेताओं के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए व मकबरे की सुरक्षा में लगी बेरिकेट्स तोड़कर मकबरे में स्थित मजारों में तोड़फोड़ की गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 10 नामजद समेत 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। भाजपा नेताओं द्वारा मकबरा को ठाकुर जी विराजमान का मंदिर बताया जा रहा है जबकि मुस्लिम पक्ष इसे राष्ट्रीय सम्पत्ति के रूप में दर्ज व मकबरा वाला भाग को वक्फ बोर्ड के अधिकार वाला हिस्सा बता रहा है। वही स्थानीय लोग विवाद को मकबरा से जुड़ी साढ़े दस बीघे बेशकीमती ज़मीन पर स्वमित्व की वजह भी बता रहे हैं। मकबरा-मंदिर विवाद बढ़ने के बाद फिलहाल स्थल के आस-पास पुलिस बेरिकेट्स लगाकर उसे सील कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षा में छह जनपदों की फोर्स तैनात है। वहीं घटना के बाद शासन के निर्देश पर कमिश्नर व आईजी ने मामले की जाँच रिपोर्ट शासन को भेजी है।
अदालत जाने की तैयारी में भाजपा
आबूनगर के रेड्डया मोहल्ले में स्थित मकबरा मंदिर विवाद को टाइटिल सूट के लिए भाजपा अदालत जाने की तैयारी कर रही है। भाजपा व हिन्दू संगठन द्वारा स्थल को ठाकुरद्वार बताते हुए इसके स्वामित्व के लिए अदालत में याचिका दाखिल करने जा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल द्वारा मामले की पैरवी की जिम्मेदारी पार्टी के विधि प्रकोष्ठ को सौंपी है।
भाजपा कानून का करती है सम्मान
भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने कहा कि भाजपा हमेशा कानून का पालन करती आई है। पार्टी इस मामले को अदालत में ले जा रही है। ठाकुरद्वार संबंधी ऐतिहासिक दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। साक्ष्य एकत्र कर स्वामित्व के लिए अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी।
प्रशासन ने बढ़ाई निधेषज्ञा
हिन्दू संगठनों के मकबरा को मंदिर बताए जाने के बाद तोड़फोड़ व हिन्दू संगठनो द्वारा जन्माष्टमी के अवसर पर पूजा-अर्चना की घोषणा की थी। जिसके बाद स्थल की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र में 17 अगस्त तक लागू की गई। बीएनएस की धारा 163 (पूर्व की धारा 144) की गई थी। वही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अवधि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 अक्तूबर तक अवधि बढ़ाई गई है। अपर जिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि ईद, बरावफात, नवरात्र, दशहरा, विजयदशमी और परीक्षाओं को लेकर धारा 163 अब 16 अक्तूबर तक लागू रहेगी।
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