ब्रिक्स मंच से ईरान की दो टूक, यूएन चार्टर तोड़ने वालों की खुलकर निंदा करने की अपील
सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिक्स देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वाले देशों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की अपील की है। ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वैश्विक नियमों को तोड़ने वालों की जवाबदेही तय की जाए और उनकी स्पष्ट रूप से निंदा की जाए।
अराघची ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में ईरान को दो बार “गैरकानूनी और क्रूर हमलों” का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों को झूठे आरोपों के आधार पर सही ठहराने की कोशिश की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टें अलग स्थिति दिखाती हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश “गैरकानूनी विस्तारवाद” और “युद्धोन्मादी नीतियों” का शिकार बनाया जा रहा है, लेकिन भारी दबाव और संघर्ष के बावजूद ईरानी जनता ने अपनी संप्रभुता और आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान कभी दबाव के आगे नहीं झुका और आगे भी नहीं झुकेगा।
ब्रिक्स मंच की सराहना करते हुए अराघची ने इसे उभरती “नई वैश्विक व्यवस्था” का प्रतीक बताया। उनके अनुसार ग्लोबल साउथ की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और ब्रिक्स जैसे मंच पश्चिमी दबाव और एकतरफा नीतियों के विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं।
उन्होंने अमेरिका पर “वर्चस्ववादी मानसिकता” अपनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि ईरान की लड़ाई केवल अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि उन सभी देशों के लिए भी है जो बाहरी हस्तक्षेप और दबाव का विरोध करते हैं।
अपने संबोधन में अराघची ने ईरान की सेना, डॉक्टरों, शिक्षकों और सुरक्षा बलों की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने युद्ध प्रभावित परिवारों और खासकर महिलाओं एवं युवाओं के साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरानी समाज हर संकट के बाद और मजबूत होकर उभरता है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान बातचीत और कूटनीति के रास्ते के लिए तैयार है, लेकिन यदि किसी विदेशी शक्ति ने हमला किया तो ईरान की सेना “कड़ा और निर्णायक जवाब” देने में सक्षम है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



