यूक्रेन युद्ध पर बड़ा संकेत: व्लादिमीर पुतिन तीसरे देश में शांति वार्ता को तैयार
व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह वोलोडिमिर जेलेंस्की से किसी तीसरे देश में मुलाकात करने के लिए तैयार हैं। यह पहली बार है जब पुतिन ने रूस के बाहर किसी अन्य देश में संभावित बैठक का संकेत दिया है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि यह मुलाकात केवल अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए होनी चाहिए, न कि प्रारंभिक बातचीत के लिए।
विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से बातचीत में पुतिन ने कहा कि उन्होंने कभी भी यूक्रेनी राष्ट्रपति से संवाद से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्षों के विशेषज्ञ पहले ही ठोस और दीर्घकालिक शांति समझौता तैयार कर लेते हैं, तभी राष्ट्रपति स्तर की बैठक का कोई मतलब होगा।
पुतिन ने यह भी कहा कि यदि यूक्रेन चाहे तो उसके प्रतिनिधि मॉस्को भी आ सकते हैं, लेकिन किसी भी शीर्ष बैठक को बातचीत की शुरुआत नहीं बल्कि अंतिम चरण माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि पिछले अनुभवों से यह स्पष्ट है कि लंबी राजनीतिक बैठकों के बजाय विशेषज्ञ स्तर पर ठोस तैयारी अधिक प्रभावी होती है।
रूसी राष्ट्रपति ने मिन्स्क समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी घंटों चली चर्चाओं का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला था। ये समझौते बेलारूस में हुए थे और इनका उद्देश्य यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में हिंसा रोकना था, लेकिन बाद में वे विफल साबित हुए।
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब यह संघर्ष अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी पुतिन ने चीन यात्रा के बाद जेलेंस्की से मुलाकात की इच्छा जताई थी, लेकिन तब उन्होंने मॉस्को को संभावित स्थान बताया था। अब तीसरे देश में बैठक की पेशकश को युद्ध समाप्ति की दिशा में एक नए कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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