बीएलओ के बढ़े मानदेय का बंगाल सरकार ने नहीं किया भुगतान, चुनाव आयोग ने जताई कड़ी आपत्ति
नई दिल्ली (आरएनआई) चुनाव आयोग द्वारा बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और मतदाता सूची तैयार करने वाले अन्य अधिकारियों का मानदेय बढ़ाए जाने के आदेश के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा भुगतान न किए जाने पर आयोग ने असंतोष जताया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि टीएमसी सरकार तत्काल प्रभाव से बढ़े हुए मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करे।
आयोग ने अपने बयान में बताया कि टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। आयोग ने कहा कि बढ़े हुए मानदेय का भुगतान न करना आदेश की अवहेलना है और इसे बिना देरी लागू किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने इसी वर्ष अगस्त में एक नोटिफिकेशन जारी कर बीएलओ सहित मतदाता सूची तैयार करने वाली पूरी मशीनरी का मानदेय बढ़ाया था। आयोग ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक कदम बताया था। नोटिफिकेशन में कहा गया था कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और इसके लिए मेहनत करने वाले अधिकारियों को उचित सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
नए आदेश के तहत बीएलओ को मिलने वाला वार्षिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, मतदाता सूची कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि भी 1,000 से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी गई। बीएलओ सुपरवाइजर्स के मानदेय को 12,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारी और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारी को क्रमशः 30,000 और 25,000 रुपये वार्षिक मानदेय देने का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले इन पदों पर कोई मानदेय नहीं मिलता था।
इन संशोधनों के बावजूद पश्चिम बंगाल के बीएलओ और अन्य संबंधित कर्मचारियों को भुगतान न मिलने की शिकायतें आयोग तक पहुंच चुकी हैं। इसी संदर्भ में चुनाव आयोग ने टीएमसी सरकार से नाराजगी जताते हुए तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है।
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