बिहार पर बढ़ता वित्तीय बोझ? बिजली सौदे पर विवाद तेज, 62,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भार का आरोप

Nov 21, 2025 - 16:24
 0  108
बिहार पर बढ़ता वित्तीय बोझ? बिजली सौदे पर विवाद तेज, 62,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भार का आरोप

पटना (आरएनआई) बिहार में चुनाव बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्य सरकार पर 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते को लेकर गंभीर वित्तीय आरोप लगाए जा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और बिहार से भाजपा सांसद आर. के. सिंह ने दावा किया है कि अडानी पावर के साथ हुए समझौते के कारण राज्य को आने वाले वर्षों में लगभग 62,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।

सिंह के मुताबिक, सरकार ने बिजली खरीद के लिए तय की गई दरों में अत्यधिक “फिक्स्ड कॉस्ट” को मंजूरी दी है, जो राज्य के उपभोक्ताओं और खजाने पर भारी पड़ सकता है। उनका कहना है कि इस दर पर बिहार को हर साल लगभग 2,500 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान करना पड़ेगा, जो 25 वर्षों में 62,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने इस सौदे को “बेतुका” करार देते हुए इसे “बड़े पैमाने पर घपला” बताया और CBI जांच की मांग की है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए खुली जांच की मांग की है।

हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। सरकारी सूत्रों ने दावा किया है कि यह समझौता राज्य की दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है और सभी शर्तें कानूनी रूप से सही हैं।

फिलहाल, यह मुद्दा आरोप और जवाबी दावों के बीच उलझा हुआ है और आधिकारिक जांच के अभाव में किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी। लेकिन इतना साफ है कि चुनाव के बाद राज्य की वित्तीय नीति और ऊर्जा प्रबंधन पर अब नई बहस छिड़ चुकी है।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.