बालश्रम उन्मूलन पर सख्त हुए सीडीओ, सेवायोजकों पर कार्रवाई के निर्देश

Oct 9, 2025 - 20:07
Oct 9, 2025 - 20:12
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बालश्रम उन्मूलन पर सख्त हुए सीडीओ, सेवायोजकों पर कार्रवाई के निर्देश

फतेहपुर (आरएनआई) गठित डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई।  बैठक में सहायक श्रमायुक्त लालाराम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभियान चलाकर बाल एंव किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथासंशोधित 2016 के अन्तर्गत कुल 35 सेवायोजक के विरुद्व कार्यवाही करते हुये 36 बाल एवं किशोर श्रमिको को अवमुक्त कराया गया। आटो सेंटर में कुल 13, दुकान एवं वाणिज्य प्रतिष्ठानों में 10, कपडे की दुकानो में 7, होटल एंव रेस्टोरेन्ट 5 अतः कुल 36 किशोर श्रमिकों को चिन्हांकित किया गया। चिन्हाकिंत एवं बाल एवं किशोर श्रमिको की शैक्षिक पुनर्वासन हेतु बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से जोडे जाने हेतु विवरण प्रेषित किया गया है। जिस पर पात्रतानुसार उक्त अधिकारियों के स्तर से कार्यवाही की गयी है। बैठक के दौरान सहायक श्रमायुक्त द्वारा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथासंशोधित 2016 के प्रावधानो के बारे में चर्चा डीटीएफ के सभी सदस्यों को अवगत कराया गया कि उक्त अधिनियम के अन्तर्गत खतरनाक एवं गैर खतरनाक व्यवसायों/प्रक्रियाओं में 14 वर्ष तक के बालक को कार्य किया जाना पूर्णतः निषिद्व/प्रतिबन्धित है। वर्ष 14 से 18 आयु तक के बालक एवं किशोर को खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओ में कार्य किया जाना प्रतिबन्धित है। सेवायोजकों द्वारा यदि उपरोक्त उल्लिखित बालक एवं किशोर से यदि कार्य कराया जाता है तो अधिनियम के अन्तर्गत न्यूनतम 20000 रूपए से अधिकतम 50000 रूपए एवं न्यूनतम 06 माह व अधिकतम दो वर्ष की सजा का प्रावधान है। सीडीओ ने निर्देश दिये कि तहसील व ब्लाक स्तर पर निरीक्षण टीम का गठन कराकर बाल श्रम उन्मूलन हेतु अभियान चलाकर सेवायोजको के विरुद्ध कार्यवाही करायें तथा चिन्हाकिंत एवं अवमुक्त कराये गये बाल एवं किशोर श्रमिको को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओ में जोडे जाने हेतु सम्बन्धित विभागों को विवरण उपलब्ध करायें। पात्रतानुसार समस्त बच्चों का शैक्षिक पुनर्वासन सुनिश्चित कराया जाये। इसके अतिरिक्त किशोर श्रमिकों की सूची उनके कौशल विकास हेतु प्रधानाचार्य आईटीआई को भी उपलब्ध करायी जायें। बालश्रम हॉट स्पॉट एरिया चिन्हाकिंत कर प्रत्येक माह अधिक से अधिक अभियान चलाकर बालश्रम उन्मूलन की कार्यवाही सुनिश्चित की जायें। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं डीटीएफ के अन्य सदस्यगण उपस्थित रहें।

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