पुनीत अवसर पर हर वर्ष की भाॅति इस वर्ष आदर्श दिव्यांग कल्याण संस्थान के द्वारा आयोजित
शाहजहाॅपुर। (आरएनआई) 20 अगस्त श्रावण माह के पुनीत अवसर पर हर वर्ष की भाॅति इस वर्ष आदर्श दिव्यांग कल्याण संस्थान के द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक के प्रथम दिवस का पूजन मुख्य आयोजक हरि शरण बाजपेई सपत्नी सीमा बाजपेई के द्वारा बनारस से पधारे आचार्य विवेकानंद शास्त्री जी ने संपन्न करा कर कथा का शुभारंभ कराया आज प्रथम दिवस की कथा में वृंदावन से पधारे अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक गौर दास जी महाराज ने सुनाया की धर्मनिष्ठ दधिच मुनि के चरित्र को कहा जो परम शिवभक्त थे। दैत्यों के व्रतासुर के साथ मिलकर समस्त लोको को पराजित कर इन्द्र का पद छीन लिया और स्वर्ग पर शासन करने लगे, देवता लोग दुःखी होकर ब्रम्हा जी के पास गए। ब्रम्हा जी ने देवताओं को बताया कि दधीच जो कि परम शिवभक्त है उनके तप की व्याख्या करते हुए उनके असिति के विषय चर्चा की यदि वो अपनी अस्थियों को व्रज बनाने के लिए आपको प्रदान कर दे ंतो व्रतासुर का वध उनके अस्थियों से किया जा सकेगा। देवताओं ने अपना स्वार्थ साधने के लिए उन ़ऋषि से उसकी अस्थियों का दान प्राप्त किया और व्रतासुर का अन्त किया।
महाराज जी ने कहा जो भगवान शिव का भक्त होता है वो परमदानी होता है। क्योकि जितने भी दान अब तक हुए है। सभी शिव भक्तो ने लिए है। इसलिए शिवभक्त महान होते है। क्योकि वीर वही है जो धर्महित, देशहित के लिए दान करता है उसे शिवलोक की प्राप्ति होती है।
लोक कल्याण के उदद्ेश्य से करायी जा रही कथा में आज कथा प्रागण में स्वामी जी के श्री मुख से हजारों शिव भक्तों ने कथा का श्रवण किया। उसके उपरान्त समिति की ओर से कथा समापन के उपरान्त सभी शिव भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
कथा प्रागण में मुख्य रूप से समिति के प्रदेश सचिव नीरज बाजपेई ने सभी का आभार व्यक्त किया
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

