पी. चिदंबरम का चुनाव आयोग पर वार, बोले—शिकायतों पर अदालतों जैसा धीमा रवैया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाने के बाद सियासत तेज हो गई है। अब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है। जबकि चुनाव आयोग ने आरोपों को लेकर राहुल गांधी से दस्तावेज मांगे हैं।
नई दिल्ली (आरएनआई) बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर हो रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है। चिदंबरम ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि चुनाव आयोग (ईसीआई) कोई न्यायालय नहीं है और याचिकाओं या शिकायतों पर विचार करते समय न्यायालय की तरह व्यवहार नहीं कर सकता। ईसीआई एक प्रशासनिक निकाय है जिसकी जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है।
नियम 20(3)(बी) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नियम 20(3)(बी) केवल ईआरओ द्वारा मतदाता सूची में शामिल किए जाने के दावे' को स्वीकार या अस्वीकार करने संबंधी किसी विशिष्ट निर्णय के मामले में ही लागू होगा। यह नियम किसी पूरे विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित बड़े पैमाने पर हेराफेरी के मामले में लागू नहीं होगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में बूथ लेवल एजेंटों की शिकायतें स्वीकार नहीं की जा रही हैं। अगर आरोप में सच्चाई है, तो शिकायतों पर विचार न करने से लोकतांत्रिक चुनावों का अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रशासनिक प्रक्रियाओं से परे भी एक जिम्मेदारी है। चुनाव आयोग का राजनीतिक दलों के साथ-साथ इस देश के मतदाताओं के प्रति भी कर्तव्य है।
वहीं कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और हरियाणा के सीईओ के रिमाइंडर के बाद चुनाव आयोग ने एक बार फिर अपना सख्त फैसला दोहराया। आयोग ने कहा कि राहुल गांधी के पास अभी भी कर्नाटक के सीईओ के पहले पत्र और हरियाणा के सीईओ के रिमाइंडर पर स्पष्टीकरण देने या देश से माफी मांगने का समय है। कर्नाटक के सीईओ ने राहुल गांधी से चुनाव आयोग पर लगाए गए वोट चोरी के आरोपों की जांच के लिए दस्तावेज जमा करने को कहा है।
कर्नाटक के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी ने गांधी को बताया कि ये दस्तावेज उनके कार्यालय को विस्तृत जांच करने में मदद करेंगे। गांधी ने पिछले हफ्ते राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये दस्तावेज दिखाए थे। आयोग ने कहा कि आपने यह भी बताया था कि मतदान अधिकारी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड के अनुसार, श्रीमती शकुन रानी ने दो बार मतदान किया था। जांच करने पर, श्रीमती शकुन रानी ने कहा है कि उन्होंने केवल एक बार मतदान किया है, दो बार नहीं, जैसा कि आपने आरोप लगाया है।
पत्र में कहा गया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि कांग्रेस नेता द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुति में दिखाया गया सही का निशान वाला दस्तावेज मतदान अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था। नोटिस में कहा गया कि आपसे अनुरोध है कि आप वे प्रासंगिक दस्तावेज उपलब्ध कराएं जिनके आधार पर आपने यह निष्कर्ष निकाला है कि श्रीमती शकुन रानी या किसी और ने दो बार मतदान किया है, ताकि इस कार्यालय द्वारा विस्तृत जांच की जा सके।
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