धनबाद की खदानों में गैस रिसाव का बढ़ता खतरा: CMPDIL ने शुरू किया ड्रोन सर्वे, 1000 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे जा रहे
रांची (आरएनआई) झारखंड के धनबाद स्थित कोयला खदानों में गैस रिसाव की गंभीर घटनाओं के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। स्थिति का सही आकलन करने और खतरे के मूल कारणों का पता लगाने के लिए कोल इंडिया की सहायक इकाई सीएमपीडीआईएल ने पुटकी–बलिहारी कोलियरी क्षेत्र में ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया है।
राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला और एरिया नंबर पाँच में गैस रिसाव की शिकायतों के बाद प्रशासन ने एहतियातन लगभग 1000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
यह मामला तब गंभीर हुआ जब कुछ दिन पहले केंदुआडिह बस्ती में कार्बन मोनोऑक्साइड के रिसाव से एक महिला की मौत हो गई थी और 12 लोग बीमार पड़ गए थे। इस घटना ने प्रशासन और जांच एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर किया।
सीएमपीडीआईएल टीम के प्रमुख भुवनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ड्रोन सर्वे से गैस रिसाव की वास्तविक वजह और लीकेज पॉइंट की पहचान करने में मदद मिलेगी। सर्वे 400 मीटर के दायरे में किया जा रहा है और ड्रोन से जुटाए गए डेटा को रांची स्थित सीएमपीडीआईएल कार्यालय भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञ इसकी गहन जांच करेंगे। रिपोर्ट तैयार होने में 15–20 दिन लगने की संभावना है।
ड्रोन सर्वे के साथ-साथ थर्मल सर्वे भी चलाया जा रहा है। इलाके के तापमान की थर्मल गन से की गई जांच में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के हिसाब से सामान्य है। अधिकारियों का कहना है कि पिछली रिपोर्टों में प्रभावित घरों और लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई थी। नया सर्वे इस कमी को दूर करेगा।
धनबाद के इन खदान क्षेत्रों में गैस रिसाव का खतरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह ड्रोन सर्वे राहत और सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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