डॉ. एल. के. शर्मा को मिला IRIA ग्लोबल साउथ एंबेसडर अवॉर्ड 2025, सेवा भारती ने किया सम्मान
गुना (आरएनआई) जिले के जाने माने रेडियोलाजिस्ट डॉ एल के शर्मा को इंडियन रेडियोलॉजिकल इमेजिंग एसोसिएशन ग्लोबल साउथ एंबेसडर 2025 का पुरस्कार मिलने पर गुना जिला ही नहीं अपितु उन्होंने प्रदेश का मान सम्मान बढ़ाया। उनको यह सम्मान मिलने पर बुधवार को जिला चिकित्सालय के डाक्टरों की उपस्थिति में सेवा भारती गुना द्वारा उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर सेवा भारती अध्यक्ष डॉ रामवीर सिंह रघुवंशी, आरोग्य भारती अध्यक्ष डॉ पी बुनकर,विकास जैन नखराली, सचिव अखिलेश विजयवर्गीय, रमेश मालवीय, भवन लाल पंत, काशीराम औरैया, नरेंद्र सिंह सेंगर, मुन्ना लाल यादव, प्रमोद यादव सहित सेवा भारती के सदस्य उपस्थित रहे। डॉ रामवीर सिंह ने बताया कि रेडियोलिस्ट डॉ शर्मा इस क्षेत्र के एक मात्र चिकित्सक हे जिन्होंने बेटी बचाओ आंदोलन की शुरुवाती पहल करते हुए स्वयं उन्होंने अपनी एक बच्ची के होने पर नसबंदी कराकर समाज को संदेश दिया। इसी के साथ ही विभिन्न सोनोग्राफी सेंटरों पर लिंग परीक्षण का कड़ा विरोध करते हुए कभी भी अपने स्वयं के सेंटर पर नहीं किया ओर उसी का नतीजा हे कि आज गुना जिले में किसी भी सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं होता अन्यथा लोग गर्भावस्था में ही भ्रूण लिंग परीक्षण कराकर बच्ची पाए जाने पर गर्भपात कारा देते थे। बताया गया हैं कि MCH प्रोजेक्ट [मातृ एवं शिशु] रोटरी क्लब 3053 जिला गुना के अंतर्गत विगत एक दशक से अनवरत संचालित ऐसा अनूठा प्रकल्प है। जो रोटरी की आत्मा को आत्मसात करते हुए “स्वयं से बढ़कर सेवा” को चरितार्थ करता है | रेडियोलॉजिस्ट डॉ शर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आंकलन उस राष्ट्र की माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य से ही होता है |
वर्ष 2011 , 14 नवंबर को गुना के जिलाधीश ने महिला बाल विकास विभाग के माध्यम से कुपोषण से उनकी लड़ाई में रोटरी क्लब गुना को अपना सहभागी बनाया और एक आंगनवाडी केंद्र के बच्चों की जिम्मेदारी दी |प्रारम्भ में हमारे एक रोटरियन साथी ने प्रत्येक दिवस उस केंद्र के कुपोषित बच्चों को अपने घर से पोष्टिक आहार देना प्रारंभ किया, जिससे कुपोषण की गंभीर स्थिति से कई बच्चें सामान्य वजन की श्रेणी में आ गये | तत्पश्चात इसे नया आयाम दिया वर्ष 2012-13 के लिए चयनित अध्यक्ष डॉ ललित किशोर शर्मा ने जो स्वयं एक चिकित्सक [ रेडियोलाजिस्ट ] हैं और ये जानते थे कि बच्चों में कुपोषण को गर्भकाल में ही चिन्हित कर , गर्भवती माँ एवं गर्भस्त शिशु की उचित देखभाल करने से ज्यादा कारगर होता है | इस कार्य में महती भूमिका होती है सोनोग्राफी द्वारा देखरेख ,पर इसमें बहुत ज्यादा धनराशि लगने एवं क़ानूनी बाध्यताऐ थीं | चूँकि भारतवर्ष में कन्याभ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए PCPNDT क़ानून है ,जिसके तहत एक रजिस्टर्ड रेडियोलाजिस्ट चिकित्सक ही रजिस्टर्ड स्थान पर सोनोग्राफी कर सकता है ,| इसका निवारण भी मिला रोटरी के 2010 के घोषणा पत्र से, जो कहता है “ स्वयं के व्यवसाय को सेवा का माध्यम बनाना ”| चूँकि चयनित अध्यक्ष एवं उनका संस्थान PCPNDT कानून के तहत रजिस्टर्ड हें अतः उन्होंने “स्वयं के व्यवसाय को सेवा का माध्यम बनाते हुए “ चिन्हित क्षेत्र की गर्भवती माताओं की निशुल्क सोनोग्राफी कर आयरन फोलिक एसिड ,कैल्शियम के साथ MICRONUTRIENT भी देना प्रारंभ किया | परिणामों से आशान्वित होकर उन्होंने अपने सेवा क्षेत्र को 38 आंगनवाडी केन्द्रों की निम्न आय वर्ग की माताओं के लिए विस्तारित किया जो OCT 2021 से गुना शहर 168 आंगनवाडी केन्द्रों में संचालित है | इस कार्य को नाम दिया MCH गुना मॉडल [ सरंक्षित मातृत्व एवं सुपोषित शिशु ] जिसे मध्य प्रदेश शाशन ने भी मान्यता प्रदान की | इस प्रकल्प की मुख्य प्रणाली में प्रत्येक गर्भवती माँ को प्रथम निरीक्षण दिवस एक यूनिक आई डी प्रदान कर समस्त परिणाम उसी से चिन्हित करना है | इस प्रकल्प को तत्कालीन रोटरी जिला 3050 के 2013 सर्वाधिक एवं उच्चतम पुरस्कार जैसे रोटरियन वी. वी. काला एक्सीलेंस अवार्ड फॉर हैल्थकेयर के साथ थानचंद मेहता गोल्ड मैडल अवार्ड भी मिला जो किसी भी रोटरियन को 40 वर्ष उपरान्त मिला था | साथ ही साथ मध्यप्रदेश शासन से समूर्ण मध्यप्रदेश में कुपोषण कम करने में महती भूमिका के लिए 26 जन 2018 मुख्यमंत्री के करकमलों से रोटरियन डॉ ललित किशोर शर्मा को प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ | इस प्रोजेक्ट को तत्कालीन जिलाधीश विजय दत्ता महोदय द्वारा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को 2018 मंडला विजिट पर प्रस्तुत कर सराहना प्राप्त हुई | इसी के साथ प्रत्येक वर्ष रोटरी गवर्नर्स द्वारा अवार्ड्स मिलते रहै है |
2019 सितम्बर माह में IRIA [ इंडियन रेडियोलॉजिकल एवं इमेजिंग एसोसिएशन ] द्वारा भारतवर्ष में पेरिनेटल म्रत्यु दर कम करने का सरंक्षण नाम से एक प्रकल्प प्रारंभ किया और MCH गुना के कार्य को मान्यता प्रदान कर सरंक्षण कार्यक्रम में भी अपनाया | हमने भी सरंक्षण की डोप्प्लेर विधि को अपने प्रकल्प में समाहित कर गर्भवती माताओं की देखभाल की | परिणाम आशातीत है ,ऐसा प्रकल्प पूरे भारत में ही नही पूरे विश्व भर में कंही भी संचालित नही है | अभी तक करीब 23000 सोनोग्राफी इस प्रकल्प में निशुल्क हो चुकी हें [ जिनकी कीमत करीब चार करोड़ 60 लाख आती है जो की 5 लाख 52 हजार डॉलर होती है ] इसी के साथ इस प्रकल्प से हम सेक्स रेश्यो एट बर्थ [SEX RATIO AT BIRTH ] को भी ठीक करने,, जन्म के समय कम वजन के बच्चों में जन्मदर को कम करने , शिशु म्रत्युदर कम करने में भी सफल रहे है |
हमारे प्रकल्प को इंडियन रेडियोलॉजिकल एवं इमेजिंग एसोसिएशन के सरंक्षण प्रोग्राम की वेबिनर के माध्यम से संपूर्ण भारत के रेडियोलाजिस्ट एवं रोटरी जगत में प्रेरित करने का प्रयास करते रहै है | विगत वर्ष हमारे गवर्नर रोटरियन हरीश गौर जी द्वारा इसे 2021 रोटरी पीपल्स ऑफ़ एक्शन: चैंपियंस ऑफ़ हेल्थ के लिए 3053 से नामित किया गया है |
मध्यप्रदेश मे MMR मात म्रत्यु दर 173 तथा IMR शिशु म्रत्यु दर 40 है , ग्वालियर संभाग मे सबसे ज्यादा MMR 181, IMR 48 है वही हमारे प्रोजेक्ट मे MMR शुन्य और IMR 11 है। मीडिया प्रभारी श्री जैन ने बताया कि डॉ शर्मा को कई रोटरी पुरस्कार प्राप्त हुए जिनमें
वी. वी. काला एक्सीलेंस पुरस्कार [ हैल्थ केयर], थानचंद मेहता गोल्ड मैडल पुरस्कार [हैल्थ केयर], लीलावती मुनोट मेमोरियल पुरस्कार 2014 -15, डॉ मोहल लाल जिज्ञासु पुरस्कार 2018 -19 [ आउट स्टैन्डिग कम्युनिस्ट पुरस्कार ], रोटरी इंटरनेशनल इंस्पाइंरिंग प्रोजेक्ट 2018-19 MCH सर्विस के लिए RID 3053 दवारा रोटरी इंटरनेशनल पुरस्कार के लिए नामित, रोटरी इंटरनेशनल पुरस्कार 2025 आदि। साथ ही उन्हें आई आर आई ए संरक्षण पुरस्कार जिसमें आई आर आई ए नेशनल प्रेसिडेन्ट इथिकल रेडियोलोजिकल प्रेक्टिस पुरस्कार 2021, आई आर आई ए नेशनल प्रेसिडेन्ट संरक्षण पुरस्कार 2021
डॉ रामऋषि ओरेशन पुरस्कार आई आर आई ए म.प्र. 2022 [उच्चतर एकेडमिक पुरस्कार ]
गुना कलेक्टर श्रीमान फ्रेन्क नोबेल ए द्वारा प्रधानमंत्री पुरस्कार 2022 और 2023 के लिए नामित हे।
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