जीएसटी सुधारों पर बोले शशि थरूर – ‘आम लोगों को राहत, सबके लिए बेहतर’
इससे पहले 3 सितंबर को 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को मिलाकर जीएसटी दरों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो स्लैब में तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया था।
तिरुवनंतपुरम (आरएनआई) कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हालिया जीएसटी सुधारों का स्वागत किया है। तिरुवनंतपुरम से सांसद ने इन सुधारों को अधिक निष्पक्ष प्रणाली करार देते हुए कहा कि ये सुधार आम लोगों को राहत देंगे और सभी के लिए बेहतर होंगे। रविवार को एएनआई से बात करते हुए थरूर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कई वर्षों से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में बदलाव की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस पार्टी में कई वर्षों से इसकी मांग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हमारे नेता चार दरों से कम से कम दो या आदर्श रूप से एक करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे थे, क्योंकि यह वास्तव में लोगों के साथ अन्याय है। जब चार दरें थीं, तो यह भ्रामक और कठिन था। लोग इससे खुश नहीं थे। इसलिए अब मुझे लगता है कि यह अधिक निष्पक्ष प्रणाली है और हमें उम्मीद है कि यह सभी के लिए बेहतर होगी।'
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने चुनाव नजदीक आते ही जीएसटी सुधार लागू कर दिए। खरगे ने ट्रंप प्रशासन की ओर से भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, 'वे ऐसा अब कर रहे हैं, जब चुनाव नजदीक हैं और ट्रंप का दबाव बढ़ रहा है। ये लोग कहते रहे कि चीन को देश में घुसपैठ नहीं करने दी गई और अब प्रधानमंत्री मोदी खुद जाकर उनसे मिले... अगर हम उनका समर्थन कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि वे मनमाने फैसले ले सकते हैं। हम जवाहरलाल नेहरू के समय से ही गुटनिरपेक्ष नीति पर चल रहे हैं। हालांकि, जब प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आए तो उन्होंने 'ट्रंप मेरे दोस्त हैं' जैसे बयान दिए। फिर ट्रंप ने ऐसे बयान दिए, जिससे देश और दुनिया का माहौल खराब हो गया। वे हमारी विदेश नीति को ठीक से लागू नहीं कर रहे हैं।'
इससे पहले 3 सितंबर को 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को मिलाकर जीएसटी दरों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो स्लैब में तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया था।
5 प्रतिशत की स्लैब में आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं शामिल हैं, जिनमें खाद्य और रसोई के सामान जैसे मक्खन, घी, पनीर, डेयरी स्प्रेड, पहले से पैक किए गए स्नैक्स, भुजिया, मिक्सचर और बर्तन, कृषि उपकरण, हस्तशिल्प और लघु उद्योग के साथ ही चिकित्सा उपकरण और डायग्नोस्टिक किट शामिल हैं।
18 प्रतिशत की स्लैब अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक मानक दर के रूप में लागू होती है, जिसमें छोटी कारें और मोटरसाइकिल (350 सीसी तक) जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू सामान जैसी उपभोक्ता वस्तुएं और कुछ पेशेवर सेवाएं शामिल हैं। सभी ऑटो पार्ट्स पर भी एक समान 18 प्रतिशत की दर लागू होती है।
इसके अतिरिक्त, तंबाकू और पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी और वातित शर्करा युक्त पेय पदार्थों जैसे उत्पादों, साथ ही लक्जरी वाहनों, 350 सीसी से अधिक की उच्च-स्तरीय मोटरसाइकिलों, नौकाओं और हेलीकॉप्टरों सहित विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर 40 प्रतिशत का कर स्लैब है।
कुछ आवश्यक सेवाएं और शैक्षिक वस्तुएं, जिनमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य, पारिवारिक फ्लोटर और जीवन बीमा, साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित कुछ सेवाएं शामिल हैं, जीएसटी से पूरी तरह मुक्त हैं।
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