चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर शुरू: केरल-तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी
तिरुवनंतपुरम (आरएनआई)। अरब सागर में बन रहे चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर दक्षिण भारत में दिखने लगा है। सोमवार सुबह से ही केरल और तमिलनाडु के कई तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने केरल के तीन जिलों — कासरगोड, कोझिकोड और कन्नूर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि वायनाड, मलाप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम और अलपुझा में यलो अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश और तेज हवाओं से तबाही के हालात
केरल के कई जिलों में लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित है। अलपुझा जिले में तेज हवाओं के कारण एक नौका पलटने से मछुआरे की मौत हो गई। मृतक की पहचान पॉल देवासिया (निवासी – अरथुनकल) के रूप में हुई है। वह सोमवार सुबह मछली पकड़ने समुद्र में गया था, लेकिन तेज हवाओं के कारण नाव पलट गई। साथी मछुआरों ने उसे बाहर निकाला, परंतु अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
चेन्नई समेत कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात मोंथा सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे चेन्नई के तट से टकरा सकता है। इसके प्रभाव से चेन्नई, रानीपेट, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल जमकर बरस सकते हैं।
तेज हवाएं और समुद्री लहरों से बढ़ा खतरा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मोंथा तूफान 28 अक्तूबर की सुबह तक एक “गंभीर चक्रवात” में बदल सकता है। इस दौरान हवाओं की गति 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके असर से आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
प्रशासन सतर्क, राहत दल तैनात
राज्य सरकारों ने तटीय जिलों में आपदा राहत दल (NDRF) और नौसेना की टीमों को अलर्ट पर रखा है। केरल और तमिलनाडु के बंदरगाहों पर रेड फ्लैग लगाए गए हैं और मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।
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