ग्रेटा थनबर्ग ने तोड़ी चुप्पी: इस्राइली हिरासत में बयां किया प्रताड़ना का अनुभव
तेल अवीव (आरएनआई) अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने इस्राइल में हिरासत के दौरान अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर पहली बार सार्वजनिक रूप से बात की है। थनबर्ग का कहना है कि उन्हें हिरासत में बांधा गया, प्रताड़ित किया गया और धमकाया गया।
22 वर्षीय थनबर्ग गाजा फ्लोटिला मिशन का हिस्सा थीं, जिसका उद्देश्य फिलिस्तीनियों तक मानवीय सहायता पहुँचाना था। इस महीने की शुरुआत में इस्राइली बलों ने मिशन को रोकते हुए कई जहाजों पर चढ़ाई की और 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।
थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ताओं को उच्च सुरक्षा वाली जेल में रखा गया। उन्होंने बताया कि हिरासत के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, धमकाया और परेशान किया। इसमें उन्हें बांधना, ज़बरदस्ती घसीटना और सेल्फी लेने जैसी घटनाएँ शामिल थीं। उन्होंने कहा, “एक साथ इतना कुछ हो रहा था। आप सदमे में होते हैं, दर्द होता है, लेकिन शांत रहने की कोशिश करते हैं।”
थनबर्ग ने यह भी बताया कि उन्होंने करीब 50 अन्य बंदियों को हथकड़ी में घुटनों के बल जमीन पर सिर रखे देखा। सुरक्षा गार्डों ने बंदियों को गैस से मारने की धमकी भी दी।
ग्रेटा थनबर्ग ने जोर दिया कि ध्यान उनके व्यक्तिगत अनुभव पर नहीं, बल्कि गाजा में नाकाबंदी और फिलिस्तीनियों के सामने खड़ी मानवीय आपदा पर होना चाहिए। उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत रूप से मैं यह नहीं बताना चाहती कि मेरे साथ क्या हुआ, क्योंकि मैं नहीं चाहती कि यह सुर्खियां बने।”
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