गलत डिजाइन की मार, नेशनल हाईवे सुनसान, वर्ष 2017 में स्पेन की कंपनी ने किया था इस हाईवे की आरओबी पर काम
फतेहपुर (आरएनआई) नेशनल हाईवे-32 की सूरत और सीरत देखते बन रही है। जिस रोड पर बड़े वाहनों को फर्राटा करना चाहिए। उस पर सिर्फ साइकिल नजर आ रही हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि स्पेन की जिस कारदायी संस्था ने बांदा-टांडा मार्ग पर जो रेलवे ओवरब्रिज बनाया। उसका डिजाइन गलत करार दिया जा चुका है। जिस पर फिर काम चालू होना है। यह दीगर बात है कि दो गुनी क्षमता से बनने वाले इस निर्माण को लेकर किसी तरह की कवायद देखने को नहीं मिल सकी है।
बांदा-टांडा के बाईपास का निर्माण रेलवे इंजीनियरिग शाखा की संस्तुति पर स्पेन की कार्यदायी संस्था संतजोंस ने 2010 में कराया था। एनएच-2 से शाह कस्बे तक 10 किमी का कराया गया। जिस पर 16 करोड़ खर्च हुआ। जखनी गांव से समीप बने रेलवे ओवरब्रिज बना था। जिस पर चार करोड़ की रकम लगी। इसकी जांच केंद्र की टीम के करने पर निर्माण की असलियत सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस ब्रिज से बड़े वाहनों का आना-जाना रुकवा दिया गया।
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हाईवे पर खेतीबाड़ी, बावन पत्ते की भी बाजी
इस नेशनल हाईवे की रफ्तार में ब्रेक लगा होने के कारण इलाकाई किसान जहां खेती बाड़ी के कुछेक काम इसी पर निपटाते देखे जा सकते हैं बेरोजगार ताश के बावन पत्ती पर अपना भविष्य तलाश रहे हैं।
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पीएम ने किया था लोकार्पण
पीएम नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2013 में रायबरेली में बांदा-टांडा मार्ग का लोकार्पण किया था। जिसमें चार वर्ष में ही बाईपास की सड़क व ओवरब्रिज खस्ताहाल हो गए। जिले की पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति केंद्रीय लोक निर्माण मंत्री नितिन गडकरी से ओवरब्रिज व सड़क के उखड़ने पर कार्यदायी संस्था के कार्याे पर आपत्ति जताते हुए जांच कराए जाने की मांग की थी।
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