कर्नाटक वोट डिलीट कांड: हर वोट हटाने की कीमत ₹80, SIT जांच में छह संदिग्धों पर शिकंजा

Oct 23, 2025 - 17:32
 0  81
कर्नाटक वोट डिलीट कांड: हर वोट हटाने की कीमत ₹80, SIT जांच में छह संदिग्धों पर शिकंजा

बेंगलुरु (आरएनआई) — कर्नाटक के कालाबुरगी जिले के आलंद विधानसभा क्षेत्र में हुए कथित "वोट चोरी" कांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची से फर्जी तरीके से करीब 6,994 वोट हटाने की कोशिश की गई थी, और इसके लिए प्रत्येक वोट पर ₹80 का भुगतान किया गया था। इस मामले में अब छह संदिग्धों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है।

क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, जिन वोटों को हटाने के लिए आवेदन दिए गए थे, उनमें अधिकांश दलित और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े कांग्रेस समर्थकों के नाम शामिल थे। यह क्षेत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह जिला है और यहां से कांग्रेस विधायक बी.आर. पाटिल ने 2023 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुबाष गुट्टेदार को लगभग 10,000 वोटों से पराजित किया था।

कांग्रेस नेताओं बी.आर. पाटिल और मंत्री प्रियांक खरगे ने सबसे पहले इस साजिश की जानकारी सार्वजनिक की थी और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इसकी शिकायत दी थी। पाटिल ने कहा कि यदि यह वोट वास्तव में डिलीट हो जाते, तो उनका चुनाव हारना तय था।

इस खुलासे के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को “लोकतंत्र के साथ धोखा” करार दिया था। उन्होंने कहा था कि मतदाता सूची से जानबूझकर नाम हटाने की कोशिशें गंभीर चुनावी अपराध हैं और इस पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

कर्नाटक सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की, जिसकी जिम्मेदारी सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बी.के. सिंह को दी गई। SIT ने अब तक करीब 30 लोगों से पूछताछ की है, जिनमें से पांच से छह को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया है।

छापेमारी और सबूतों की बरामदगी
SIT ने संदिग्धों से जुड़े डेटा सेंटरों और कार्यालयों पर छापेमारी की, जहाँ वोट डिलीट करने के लिए “वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP)” तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। इस दौरान जांच एजेंसी ने भाजपा नेता सुबाष गुट्टेदार, उनके बेटों हर्षानंद और संतोष गुट्टेदार, तथा उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर भी छापे मारे।

छापेमारी के दौरान गुट्टेदार के घर के पास जली हुई मतदाता रिकॉर्ड फाइलें भी बरामद की गईं। हालांकि गुट्टेदार ने सफाई दी कि दिवाली की सफाई के दौरान उनके कर्मचारियों ने अनजाने में कचरा जलाया था और इसमें किसी साजिश का कोई तत्व नहीं है।

राजनीतिक हलचल तेज
मामले के सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल मच गई है। विधायक बी.आर. पाटिल ने कहा कि वे SIT की जांच पर पूरा भरोसा रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। वहीं, मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि यह मामला चुनावी ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है।

SIT का कहना है कि फिलहाल जांच आलंद क्षेत्र तक सीमित है, लेकिन यदि आवश्यक हुआ तो इसे राज्य के अन्य हिस्सों में भी विस्तार दिया जाएगा। इस खुलासे ने कर्नाटक में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.