करूर भगदड़: एनडीए की आठ सदस्यीय टीम तमिलनाडु पहुंची, CBI जांच की मांग
कोयंबटूर/चेन्नई/नई दिल्ली (आरएनआई) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की आठ सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग टीम के करूर पहुंचने पर भाजपा के राज्य महासचिव एपी मुरुगानंदम ने कहा कि पार्टी उनके साथ समन्वय करेगी। उन्होंने कहा, हम भी सभी तथ्यों की जांच करेंगे और उनका समर्थन करेंगे। टीम स्थिति का विश्लेषण करेगी और कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), प्रशासन और प्रभावित परिवारों से बातचीत करेगी। भाजपा किस तरह से उनकी मदद कर सकती है, हम यह भी तय करेंगे और फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी भी इस टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, हम करूर जा रहे हैं, जहां हादसा हुआ। हम सब इस घटना से स्तब्ध और दुखी हैं। हम शोक संतप्त परिवारों और अस्पताल में भर्ती लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। हम तथ्यों की जांच करेंगे, सभी संबंधित लोगों से बात करेंगे और फिर अपनी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेंगे। यह हादसा कभी नहीं होना चाहिए था। हम मौके पर जाएंगे और सभी पहलुओं की जांच करेंगे।
एनडीए के प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा सांसद बृजलाल ने कहा, हम तथ्य जानने के लिए जा रहे हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हम घटना स्थल पर जाएंगे, पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, अस्पताल भी जाएंगे और वहां की स्थिति देखेंगे। इसके बाद हम तथ्य-आधारित रिपोर्ट देंगे। यह एक बहुत बड़ी त्रासदी है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा, हां, इस मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए। सच्चाई सामने आनी जरूरी है। वरना राज्य प्रशासन सच को सामने नहीं आने देगा। हम पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, घायलों से मिलेंगे, मौके पर जाएंगे और प्रशासन से बात करेंगे। हम जांच करेंगे कि यह हादसा क्यों हुआ। ऐसी घटनाएं बिना लापरवाही के नहीं होतीं।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद केसी वेणुगोपाल भी कोयंबटूर पहुंचे हैं। करूर में 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख और अभिनेता विजय के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 40 लोगों की जान चली गई थी।
करूर भगदड़ को लेकर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, पिछले एक साल में इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं। मौत केवल एक आंकड़ा बन जाती है। इस देश में भीड़ जुटाना सबसे आसान काम है। लेकिन इसके लिए न आयोजक जिम्मेदार ठहराए जाते हैं, न पुलिस। दो दिन चर्चा होगी और तीसरे दिन सब भूल जाएंगे।
वहीं, द्रमुक सांसद कनिमोझी ने कहा, इस हादसे ने कई परिवारों और उनके सपनों को तोड़ दिया है। मुझे लगता है कि यह दोषारोपण का समय नहीं है। यही मुख्यमंत्री ने भी कहा है। यह समय एक-दूसरे को दोष देने कानहीं, बल्कि लोगों के साथ खड़े होने का है। कोई जिम्मेदार नेता घटनास्थल से भाग नहीं सकता। अगर आप वहां से चले भी गए, तो कम से कम आपकी पार्टी के लोग वहां मौजूद होने चाहिए, क्योंकि लोग आपको देखने आए थे। मुझे लगता है कि उनकी पार्टी (टीवीके) का कोई नेता वहां मौजूद नहीं था। एक सदस्यीय जांच आयोग बना है और मुझे लगता है कि मैडम वहां पहुंच गई हैं और अपना काम शुरू कर चुकी है। हमें वहां रहकर लोगों तक पहुंचना चाहिए, न कि एक-दूसरे पर दोष डालना चाहिए। जो हुआ है, उसकी कुछ तो जिम्मेदारी लेनी होगी।
करूर हादसे पर अन्नाद्रमुक के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा, आज एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया गया है और तीन-चार लोगों को झूठ फैलाने के आरोप में पकड़ा गया है। लोगों को सच्चाई जानने का अधिकार है। द्रमुक सरकार केवल झूठ फैला रही है। इसलिए बेहतर होगा कि इस मामले की सीबीआई जांच हो। उन्होंने आगे कहा, द्रमुक सरकार का कर्तव्य है कि वह इस घटना के बाद उठाए गए कदमों को लेकर स्पष्ट और विश्वसनीय जवाब दे। लेकिन यह सरकार जो जवाब दे रही है, वह विरोधाभासी हैं। एक ओर द्रमुक प्रवक्ता मीडिया में कह रहे हैं कि कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ। जबकि कल हम वीडियो देख रहे थे कि पुलिस लाठी चला रही थी और मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं थी। असल में उस कार्यक्रम में क्या हुआ और यह हादसा कैसे हुआ.. यह एक बड़ा सवाल है, जिसका द्रमुक जवाब नहीं दे पा रही है।
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