ओडिशा में बाढ़ के कहर से बालासोर में 50 गांव डूबे, उफान पर सुवर्णरेखा नदी

ओडिशा के बालासोर जिले में चांडिल डैम से अचानक छोड़े गए पानी के कारण भीषण बाढ़ आ गई है। बालियापाल, भोगराई, बस्ता और जलेश्वर ब्लॉकों के 50 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं। सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर अब घट रहा है।

Jun 22, 2025 - 14:54
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ओडिशा में बाढ़ के कहर से बालासोर में 50 गांव डूबे, उफान पर सुवर्णरेखा नदी

बालासोर (आरएनआई) ओडिशा के बालासोर जिले में आई बाढ़ से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। झारखंड के चांडिल डैम से अचानक छोड़े गए पानी के बाद बालासोर के चार ब्लॉकों बालियापाल, भोगराई, बस्ता और जलेश्वर में जलभराव हो गया है। अब तक 50 से ज्यादा गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं और 50,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। शनिवार को बाढ़ के पानी में बहने से एक युवक लापता हो गया है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू की टीमें अभियान चला रही हैं।

सुवर्णरेखा नदी के जलस्तर में रविवार को थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे हालात में सुधार की उम्मीद की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार सुबह 10 बजे राजघाट पर नदी का जलस्तर 9.94 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 10.36 मीटर से थोड़ा नीचे है। हालांकि शनिवार को नदी का जलस्तर 11 मीटर से भी ऊपर पहुंच गया था, जिसने कई गांवों को पूरी तरह जलमग्न कर दिया। खेतों में पानी घुस गया है और सड़कों का संपर्क टूट चुका है।

बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी ने झारखंड के अधिकारियों पर बिना पूर्व सूचना के डैम से पानी छोड़ने का आरोप लगाते हुए इसे आपराधिक लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि इस कारण अचानक बाढ़ आई, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन सड़कें पानी में डूब जाने के कारण नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए दमकल विभाग की 5, ODRAF की 3 और NDRF की 1 टीम तैनात की है। नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कई प्रभावित गांवों के लोग अब नदी के किनारे बने बांधों पर शरण लिए हुए हैं, जहां वे प्लास्टिक की शीट के नीचे अस्थायी रूप से रह रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय करते हुए जिला प्रशासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं को ओआरएस और हायलीन टैबलेट वितरित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने जानकारी दी कि भोगराई और दहमुंडा पीएचसी क्षेत्र के 11 डूबे गांवों और घंटुआ-जमकुंडा क्षेत्रों के 17 गांवों में दवाओं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाएं की गई हैं।

स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन को अब भी चार से पांच दिन लग सकते हैं इस आपदा से उबरने में। यानी की सामान्य हालात होने में फिलहाल 5 दिन लग सकते हैं. प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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