एनआरसी पिछले दरवाजे से लाने की कोशिश: मतदाता सूची जांच पर TMC ने उठाए सवाल
बिहार में मतदाता सूची में संशोधन अंतिम बार साल 2003 में किए गए थे। टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने सवाल उठाया कि 'अब अचानक से मतदाता सूची की जांच क्यों की जा रही है?'
कोलकाता (आरएनआई) पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के पुनर्निरीक्षण की आड़ में पिछले दरवाजे से एनआरसी लागू करने की भयावह कोशिश की जा रही है। चुनाव आयोग के अभियान की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विपक्षी इंडी गठबंधन की पार्टियां इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाएंगी।
चुनाव आयोग ने बीते सोमवार को दिशा निर्देश जारी किए, जिनके तहत बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनर्निरीक्षण करने और अयोग्य नामों को हटाया जाना है। निर्देशों के तहत सिर्फ योग्य और वैध मतदाताओं के नाम ही मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। हालांकि विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग यह पूरी कवायद कर रहा है। इससे पहले बिहार में मतदाता सूची में संशोधन अंतिम बार साल 2003 में किए गए थे। टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने सवाल उठाया कि 'अब अचानक से मतदाता सूची की जांच क्यों की जा रही है?'
टीएमसी नेता ने कहा कि 'हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि मतदाता सूची की जांच अब क्यों हो रही है। दरअसल भाजपा के बंगाल में आंतरिक सर्वे में पता चला है कि वे अगले साल होने वाले राज्य के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 46-49 सीटें ही जीत रहे हैं। ऐसे में हालात को बदलने की हड़बड़ी में ये सब किया जा रहा है। यह एनआरसी को पिछले दरवाजे से लागू करने की भयावह कोशिश की जा रही है।' टीएमसी सांसद ने कहा कि 'इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन की सभी पार्टियां एकमत हैं और हम संसद शुरू होने का इंतजार नहीं करेंगे। हम इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाएंगे।'
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