आगरा (आरएनआई)। नकली दवाओं के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए औषधि विभाग और एसटीएफ की टीम को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश करने के आरोपी दवा व्यापारी हिमांशु अग्रवाल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए सशर्त रिहाई के आदेश दिए हैं।
हे मां मेडिको के संचालक हिमांशु अग्रवाल पर आरोप है कि औषधि विभाग द्वारा की गई छापेमारी के दौरान संदिग्ध दवाएं बरामद होने के बाद उसने कार्रवाई रुकवाने के लिए अधिकारियों को एक करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। इस मामले में आरोपी पहले से ही दो अन्य मामलों में 11 और 26 नवंबर को जमानत प्राप्त कर चुका है।
मामले में थाना कोतवाली में औषधि विभाग के सहायक आयुक्त नरेश दीपक की ओर से तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि औषधि विभाग की टीम ने हे मां मेडिको और बंसल मेडिकल से संदिग्ध दवाएं बरामद की थीं। आरोप है कि इसी कार्रवाई से बचने के लिए हिमांशु अग्रवाल ने कथित तौर पर कहा था, “एक करोड़ हैं, पूरा रख लो, केस रफा-दफा करो।”
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 24 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी को अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) मेरठ की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
अब हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद आरोपी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।