उपराष्ट्रपति पद की रेस शुरू, PC मोदी बने निर्वाचन अधिकारी; धनखड़ के उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें तेज
विपक्षी गठबंधन उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी गठबंधन का मानना है कि इससे देश में एक राजनीतिक संदेश जाएगा। विपक्ष इस बात को भी एक बड़ा मुद्दा बनाने में जुटा है कि धनखड़ ने मौजूदा सरकार के रवैये से नाराज होकर पद छोड़ा है।
नई दिल्ली (आरएनआई) जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर तमाम तरह के कयास जारी रहने के बीच निर्वाचन आयोग (ईसी) ने देश के नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को इसके लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही दो सहायक निर्वाचन अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। निर्वाचन आयोग ने यह नियुक्तियां राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम 1974 के तहत की है और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा भी अगले कुछ दिन में कर दी जाएगी।
आयोग के मुताबिक, ये चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी बारी-बारी से लोकसभा व राज्यसभा के महासचिव को सौंपी जाती है। पिछले चुनाव में लोकसभा महासचिव ने यह भूमिका निभाई थी। इसलिए इस बार पूरी प्रक्रिया राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी के नेतृत्व में संपन्न होगी। आयोग के मुताबिक, राज्यसभा सचिवालय की संयुक्त सचिव गरिमा जैन और निदेशक विजय कुमार को सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। आयोग जल्द अधिकारिक सूचना जारी करेगा। फैसला कानून एवं न्याय मंत्रालय से परामर्श और राज्यसभा उपसभापति की सहमति के बाद लिया गया है। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वास्थ कारणों का हवाला देकर पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 को समाप्त होना था।
विपक्षी गठबंधन उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, विपक्षी गठबंधन का मानना है कि इससे देश में एक राजनीतिक संदेश जाएगा। विपक्ष इस बात को भी एक बड़ा मुद्दा बनाने में जुटा है कि धनखड़ ने मौजूदा सरकार के रवैये से नाराज होकर पद छोड़ा है। विपक्ष की तरफ से पिछली बार मार्गरेट अल्वा को संयुक्त उम्मीदवार बनाया गया था।
संसद के दोनों सदनों में अभी कुल 782 सदस्य हैं। किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए पहली वरीयता के 392 मतों की आवश्यकता होगी। इस चुनाव में लोकसभा व राज्यसभा के मनोनीत सदस्यों समेत सभी सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। दोनों सदनों की सदस्य संख्या की बात करें तो इस समय भाजपा गठबंधन के पास कुल 543 लोकसभा सांसदों में 293 सदस्य हैं। वही राज्यसभा में 240 सदस्यों में एनडीए के पास 130 सदस्य हैं जबकि इंडिया गठबंधन के पास 79 सदस्य है।
भाजपा जल्द ही उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना दावेदार तय करने पर मंथन शुरू करेगी। सहयोगी दलों की राय है कि पार्टी इस बार किसी प्रयोगधर्मिता के बजाय संगठनात्मक मजबूती और वैचारिक शुचिता पर ध्यान देगी। यानी धनखड़ की तरह दूसरे दलों से आए नेता की बजाय पार्टी के किसी अनुभवी नेता को चुनने पर ध्यान देगी। इस बीच, एक चर्चा यह भी है कि जदयू सांसद हरिवंश के नाम पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति के तौर पर अपने करीब सात साल के कार्यकाल में सत्ताधारी दल का भरोसा हासिल किया है।
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