आयुष्मान योजना में बड़ा घोटाला उजागर, एक ही परिवार को बार-बार भर्ती कर निकाले लाखों रुपये, 16 अस्पतालों पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि कुछ सूचीबद्ध अस्पतालों ने एक ही परिवार के सदस्यों को बार-बार भर्ती दिखाकर योजना से लाखों रुपये का भुगतान लिया। इतना ही नहीं, कई मामलों में मरीजों को चिकित्सकीय आवश्यकता न होने के बावजूद आईसीयू में भर्ती कर अतिरिक्त राशि का दावा किया गया।
मामले का खुलासा औचक निरीक्षण के दौरान हुआ, जिसके बाद राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) ने संबंधित अस्पतालों की जांच तेज कर दी है। जांच में कई अस्पतालों में स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस का पालन नहीं करने, उपचार की गुणवत्ता में कमी और योजना के नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं। इन मामलों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि बिजनौर जिले के 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का तीन सदस्यीय विशेष टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 16 अस्पतालों में अनियमितताएं पाई गईं। इनमें से छह अस्पतालों को निलंबन का नोटिस जारी करते हुए उनका भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, जबकि 10 अन्य अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में गंभीर लापरवाही सामने आई है और जिन्होंने अब तक निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ नए सिरे से जुर्माने की गणना कर 10 गुना तक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है, जबकि जिला कार्यक्रम समन्वयक से भी इस मामले में जवाब तलब किया गया है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस तरह की अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि योजना के दुरुपयोग में शामिल किसी भी अस्पताल या अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
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